सुरेश खन्ना ने पूछा- विपक्ष को एसआईआर पर घबराहट क्यों? क्या घुसपैठियों के नाम कटने का डर है
उत्तरी प्रदेश के वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान से केवल वही लोग घबराए हुए हैं जिन्हें आशंका है कि मतदाता सत्यापन के दौरान घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हट जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग की है और आम मतदाताओं के लिए इसमें किसी प्रकार की जटिलता नहीं है।
-आरके सिंह-
बरेली। उत्तर प्रदेश के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरुवार को बरेली में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर अनावश्यक भ्रम उत्पन्न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसआईआर से वही लोग परेशान हैं जिन्हें डर है कि मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटेंगे। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह चुनाव आयोग द्वारा संचालित है और इसमें सरकार की कोई प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं है।
विवाह समारोह में शामिल होने आए वित्तमंत्री ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एसआईआर एक नियमित प्रक्रिया है, जो हर चुनाव से पहले होती है। आम मतदाता न तो इससे घबरा रहा है, न ही इसमें कोई जटिलता है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा एसआईआर अवधि बढ़ाने की मांग पर उन्होंने कहा कि अभियान पूरा होने में अभी आठ दिन बचे हैं और जो मतदाता फॉर्म भरना चाहते हैं, वे आसानी से निर्धारित समय में यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
स्कूलों में वंदे मातरम के सामूहिक गायन को लेकर उठे विरोध पर वित्तमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा रहा है और स्वतंत्रता सेनानियों का प्रिय गीत माना जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक का दायित्व है।
फतेहगंज पश्चिमी स्थित बंद पड़ी रबर फैक्टरी के कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन और भत्तों के भुगतान की मांग को लेकर वित्तमंत्री से मुलाकात की। कर्मचारियों ने बताया कि अदालत से आदेश होने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस पर वित्तमंत्री ने सलाह दी कि कर्मचारी मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से सभी दस्तावेजों के साथ मिलकर अपनी समस्या रखें। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमानुसार जो भी सहायता संभव होगी, उपलब्ध कराई जाएगी।