आगरा में गुरुद्वारा गुरु का ताल के गेट के सामने से मेट्रो स्टेशन आगे-पीछे करने पर सर्वे होगा

आगरा। शहर में मेट्रो परियोजना के पहले कॉरिडोर का काम तेज़ी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इस रफ्तार के बीच एक छोटी सी अड़चन सामने आ गई है। यह अड़चन है गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने प्रस्तावित एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन को लेकर। यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने जो स्थल चुना है, वह सीधे गुरुद्वारे के मुख्य द्वार के सामने आता है।

Jul 24, 2025 - 12:07
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आगरा में गुरुद्वारा गुरु का ताल के गेट के सामने से मेट्रो स्टेशन आगे-पीछे करने पर सर्वे होगा
गुरुद्वारा गुरु का ताल, जिसके गेट के सामने मेट्रो स्टेशन को लेकर आपत्ति है।

-गुरुद्वारा के गेट के सामने एलिवेटेड स्टेशन को लेकर है बाबा प्रीतम सिंह को आपत्ति

-विधायक खंडेलवाल ने कल शाम मेट्रो अधिकारियों संग गुरुद्वारा पहुंचकर की बैठक

धार्मिक महत्व से जुड़ी है आपत्ति

गुरुद्वारा प्रबंधन ने इस स्थल को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि गुरु का ताल एक पवित्र, ऐतिहासिक और वैश्विक स्तर पर पूजनीय स्थल है। यहां श्री गुरु तेग बहादुर साहिब को दिल्ली में शहीद किए जाने से पूर्व नौ दिन तक बंदी बनाकर रखा गया था। उनके बलिदान ने मुगल साम्राज्य की विस्तारवादी मंशाओं को करारा जवाब दिया था।

श्रद्धालुओं की भावनाएं और धार्मिक गरिमा होगी प्रभावित

गुरुद्वारा प्रबंधन का कहना है कि यदि मेट्रो स्टेशन गुरुद्वारे के मुख्य द्वार के सामने बनता है तो इससे श्रद्धालुओं को पहुंचने में असुविधा होगी। साथ ही स्टेशन के बाहर खड़े होने वाले तिपहिया वाहन, टैक्सी, दोपहिया वाहन और फुटपाथीय गतिविधियां (जैसे पान, बीड़ी, सिगरेट बेचने वाले) धार्मिक स्थल की पवित्रता को भंग करेंगे। साथ ही, अराजक तत्वों के जमावड़े से गुरुद्वारा परिसर की गरिमा पर भी आंच आ सकती है।

गुरुद्वारे के गेट से 200 मीटर आगे या पीछे बनाएं स्टेशन

गुरुद्वारा गुरु का ताल के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह चाहते हैं कि मेट्रो स्टेशन को मौजूदा प्रस्तावित स्थल से 200 मीटर आगे या पीछे स्थानांतरित कर दिया जाए। इससे न सिर्फ धार्मिक स्थल की गरिमा बनी रहेगी, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

विधायक ने मेट्रो अधिकारियों संग की बैठक, संत ने रखी आपत्ति

गुरुद्वारे के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह ने इस बारे में क्षेत्रीय विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल को भी पत्र लिखकर अवगत कराया था। विधायक ने गुरुद्वारा पहुंचकर मेट्रो अधिकारियों के साथ स्वयं स्थल का निरीक्षण किया और बाद में संत बाबा प्रीतम सिंह व गुरुद्वारा प्रबंधन के अन्य सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में संत बाबा प्रीतम सिंह ने स्टेशन की प्रस्तावित लोकेशन पर आपत्ति दर्ज की, जिसे अधिकारियों ने गंभीरता से सुना और जल्द सर्वे कराने की बात कही।

मेट्रो अधिकारी बोले-विकल्प तकनीकी टीम ही तय करेगी

आगरा मेट्रो परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी अरविंद राय ने कहा कि संत बाबा प्रीतम सिंह ने अपनी बात हमारे सामने रखी है। हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं। मेट्रो की तकनीकी टीम आज से सर्वे कार्य शुरू कर रही है ताकि देखा जा सके कि स्टेशन को आगे या पीछे शिफ्ट करना व्यावहारिक है या नहीं।

मेट्रो अधिकारियों ने दिए सकारात्मक संकेत, तकनीकी रिपोर्ट पर निर्भर फैसला

अरविंद राय ने आगे कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि मेट्रो स्टेशन को गुरुद्वारे के मुख्य द्वार से स्थानांतरित कर दिया जाए। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा काम पहले से तैयार डिजाइन पर आधारित है। हाईवे पर मेट्रो लाइन का स्ट्रक्चर खड़ा हो रहा है, ऐसे में अचानक आई इस आपत्ति पर तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

विकास बनाम विरासत: क्या संतुलन निकल पाएगा?

यह मामला न सिर्फ एक धार्मिक स्थल से जुड़ा है बल्कि यह शहर के भविष्य और उसकी विरासत के बीच संतुलन साधने की चुनौती भी है। मेट्रो के इस कॉरिडोर से हजारों लोगों को यातायात में सहूलियत मिलने वाली है, लेकिन यह भी सही है कि विकास की कीमत धार्मिक भावनाओं की अनदेखी करके नहीं चुकाई जा सकती। अब निगाहें मेट्रो की तकनीकी रिपोर्ट और प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं।

SP_Singh AURGURU Editor