टेक–इंटीग्रेटेड शिक्षा होगी भविष्य की धुरी, शारदा यूनिवर्सिटी में प्रिंसिपल्स कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों की राय
आगरा। शारदा यूनिवर्सिटी आगरा परिसर स्थित सर सीवी रमन हॉल में प्रिंसिपल्स’ कॉन्क्लेव 2025 – आगरा चैप्टर का भव्य आयोजन शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में आगरा एवं आसपास के जिलों के प्रमुख विद्यालयों के प्रिंसिपलों ने भाग लिया। कॉन्क्लेव के माध्यम से शिक्षा में नवाचार, तकनीकी एकीकरण तथा भविष्य की स्किल आधारित शिक्षा पर विस्तृत विमर्श किया गया।
नवाचार आधारित शिक्षा, एआई -ड्रिवेन लर्निंग और एनईपी -2020 पर हुई गहन चर्चा
आगरा। शारदा यूनिवर्सिटी आगरा परिसर स्थित सर सीवी रमन हॉल में प्रिंसिपल्स’ कॉन्क्लेव 2025 – आगरा चैप्टर का भव्य आयोजन शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में आगरा एवं आसपास के जिलों के प्रमुख विद्यालयों के प्रिंसिपलों ने भाग लिया। कॉन्क्लेव के माध्यम से शिक्षा में नवाचार, तकनीकी एकीकरण तथा भविष्य की स्किल आधारित शिक्षा पर विस्तृत विमर्श किया गया।
डायरेक्टर आउटरीच साइबल चटर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि शारदा यूनिवर्सिटी आगरा शिक्षा में नवाचार, तकनीक आधारित शिक्षण और बहुआयामी सीखने के मॉडल को तेजी से लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय स्टार्टअप इकोसिस्टम, इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग, स्किल डेवलपमेंट तथा एआई -ड्रिवेन लर्निंग प्लेटफॉर्म्स पर केंद्रित कार्य कर रहा है। उनके अनुसार ऐसे कॉन्क्लेव शैक्षिक नेतृत्व को साझा मंच प्रदान करते हैं।
कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) जयंती रंजन ने कहा कि आज शिक्षा प्रणाली को अनुसंधान उन्मुख और नवाचार केंद्रित बनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को एआई , मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और फ्यूचर-स्किल्स के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बना रहा है। उन्होंने स्कूल स्तर पर एजुकेशनल टेक्नोलॉजी, क्रिएटिविटी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग आधारित शिक्षण पर बल दिया।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर एमेरिटस (डॉ.) वीपीएस अरोड़ा, प्रिंसिपल एडवाइजर वेंकटेश्वर समूह एवं एडवाइजर शारदा यूनिवर्सिटी आगरा ने कहा कि एनईपी -2020 शिक्षा को उद्यमिता, प्रोजेक्ट आधारित सीख, एग्रिबिजनेस और टेक-इंटीग्रेटेड लर्निंग से जोड़ती है, जो भविष्य के नेतृत्व को तैयार करेगी। उन्होंने विश्वविद्यालय के स्टार्टअप और नवाचार आधारित प्रयासों की सराहना की।
मुख्य अतिथि डॉ. अशोक गांगुली, पूर्व चेयरपर्सन सीबीएसई ने “Education & Skilling in an Era of NEP 2020 & AI” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि NEP-2020 भारत की शिक्षा को कौशल आधारित और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुकूल बना रही है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग, टेक्नोलॉजी लिटरेसी तथा प्रॉब्लम-सॉल्विंग क्षमताओं का विकास करने का आह्वान किया। उन्होंने HOTS अवधारणा के कार्यान्वयन, स्किल-बेस्ड विषयों के विस्तार, IIMs के साथ सहयोग तथा “गांगुली कमेटी” द्वारा नर्सरी एडमिशन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे सुधारों का उल्लेख भी किया।
प्रो चांसलर श्री वाईके गुप्ता ने कहा कि प्रिंसिपल राष्ट्र निर्माण की धुरी हैं और शारदा यूनिवर्सिटी शिक्षा के सतत उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है। चांसलर श्री पीके गुप्ता ने अपने संदेश में नवाचार आधारित शिक्षण और डिजिटलीकरण को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के अंत में प्रिंसिपलों का सम्मान किया गया तथा नेटवर्किंग लंच के साथ कॉन्क्लेव का सफल समापन हुआ। उपस्थित अतिथियों ने शारदा यूनिवर्सिटी आगरा के इस आयोजन की सराहना की।