टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी का ममता बनर्जी को अल्टीमेटम- पार्टी में मैं रहूंगा या अभिषेक बनर्जी, ममता के भतीजे पर तीखा हमला- वह बहुत घमंडी हो गए हैं, उनकी वजह से ही पार्टी की यह हालत, रिजू दत्ता का दावा- टीएमसी के चार और राज्यसभा सांसद इस्तीफा देंगे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रहा सत्ता संघर्ष अब खुली बगावत का रूप लेता दिखाई दे रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ऐसे तीखे बयान दिए हैं, जिन्होंने टीएमसी नेतृत्व को असहज कर दिया है। कल्याण बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि यदि अभिषेक बनर्जी पार्टी में बने रहते हैं तो उनके लिए टीएमसी में रहना संभव नहीं होगा। उन्होंने अभिषेक पर घमंडी होने, वरिष्ठ नेताओं का सम्मान न करने और खराब व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए।

Jun 11, 2026 - 14:30
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टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी का ममता बनर्जी को अल्टीमेटम- पार्टी में मैं रहूंगा या अभिषेक बनर्जी, ममता के भतीजे पर तीखा हमला- वह बहुत घमंडी हो गए हैं, उनकी वजह से ही पार्टी की यह हालत, रिजू दत्ता का दावा- टीएमसी के चार और राज्यसभा सांसद इस्तीफा देंगे

अभिषेक बहुत घमंडी हो गए हैं

कल्याण बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को यह नहीं समझना चाहिए कि पार्टी के वरिष्ठ नेता किसी कूड़ेदान की तरह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक का व्यवहार लंबे समय से सीनियर नेताओं के प्रति अपमानजनक रहा है और यही वजह है कि आज पार्टी इस स्थिति में पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि जो बातें आज बागी सांसद और विधायक कह रहे हैं, वह स्वयं वर्ष 2022 में ही उठा चुके थे, लेकिन तब उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

अभिषेक का केस लड़ने से भी किया इंकार

कल्याण बनर्जी जो कि वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं, ने अभिषेक बनर्जी से जुड़ा कोई भी कानूनी मामला लड़ने से भी इंकार कर दिया। इसे राजनीतिक गलियारों में बेहद महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, क्योंकि अब तक उन्हें ममता बनर्जी परिवार के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता रहा है।

रिजू दत्ता का बड़ा दावा

टीएमसी के पूर्व प्रवक्ता रिजू दत्ता ने भी पार्टी नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि उनका टीएमसी से रिश्ता खत्म होने की सबसे बड़ी वजह अभिषेक बनर्जी हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में चार और राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे पार्टी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

ममता से ज्यादा अभिषेक के खिलाफ नाराजगी?

टीएमसी में पिछले कुछ दिनों से जिस तरह सांसदों, विधायकों और नेताओं के इस्तीफे तथा बगावती सुर सामने आ रहे हैं, उससे यह संकेत मिल रहा है कि नाराजगी का केंद्र मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं बल्कि अभिषेक बनर्जी हैं। पार्टी छोड़ने वाले कई नेताओं और बगावत करने वाले जनप्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अभिषेक की कार्यशैली और व्यवहार को विवाद की जड़ बताया है।

चुनावी हार के बाद भी उठे थे असंतोष के स्वर

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद हुई विधायकों की बैठक में भी अभिषेक बनर्जी को लेकर असंतोष सामने आया था। हालांकि उस समय पार्टी नेतृत्व ने स्थिति को संभालने के बजाय असंतोष को दबाने का प्रयास किया और यह स्पष्ट संकेत दिया कि अभिषेक की स्थिति और प्रभाव में कोई कमी नहीं आने वाली है। माना जा रहा है कि उसी के बाद से पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता गया।

कल तक ‘गंदा खून’ कहने वाले आज हुए हमलावर

सबसे अधिक हैरानी इस बात को लेकर है कि कल्याण बनर्जी ने एक दिन पहले ही पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को गंदा खून बताते हुए कहा था कि उनके जाने से पार्टी साफ हो गई है। लेकिन अगले ही दिन उनका अभिषेक बनर्जी पर इतना तीखा हमला राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों की चिंता

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कल्याण बनर्जी जैसे पुराने और प्रभावशाली नेता भी टीएमसी में अपने भविष्य को लेकर सवाल उठाने लगे हैं, तो यह पार्टी के लिए गंभीर चेतावनी है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि कल्याण बनर्जी जैसे नेता संगठन से दूरी बनाते हैं तो पार्टी के भीतर संकट और गहरा सकता है।

टीएमसी के सामने अस्तित्व का संकट?

लगातार इस्तीफे, बगावती बयान, सांसदों और विधायकों के टूटने के दावे तथा अब कल्याण बनर्जी की खुली नाराजगी ने टीएमसी के सामने बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को संभाल पाता है या नहीं, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

SP_Singh AURGURU Editor