यूएई राष्ट्रपति के तीन घंटे के भारत दौरे में पांच बड़े समझौते, न्यूक्लियर से AI तक रणनीतिक धुरी, आतंक पर जीरो टॉलरेंस, पाकिस्तान को दो टूक संदेश
नई दिल्ली। वैश्विक उथल-पुथल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे। यह बीते दस वर्षों में उनकी भारत की पांचवीं और राष्ट्रपति बनने के बाद तीसरी आधिकारिक यात्रा रही। महज तीन घंटे की इस यात्रा में न्यूक्लियर एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, ऊर्जा, निवेश और आतंकवाद जैसे अहम मुद्दों पर पांच बड़े समझौतों पर मुहर लगी।
द्विपक्षीय रिश्तों की व्यापक समीक्षा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के बीच पहले निजी और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने माना कि बीते एक दशक में भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुई है। सहमति बनी कि अबू धाबी में भारतीय कला, विरासत और पुरातत्व से जुड़ा संग्रहालय व सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो सभ्यतागत रिश्तों को नई पहचान देगा।
व्यापार 100 अरब डॉलर पार, साझेदारी और मजबूत
विदेश मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-UAE द्विपक्षीय व्यापार 100.06 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है, जो 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इससे यूएई भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में और सशक्त होकर उभरा है।
आतंकवाद, AI और रक्षा पर ठोस कदम
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि आतंकवाद, AI, रक्षा सहयोग और निवेश जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। दोनों नेताओं की मौजूदगी में कई दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ। सैटेलाइट मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के विकास से जुड़ा समझौता रक्षा सहयोग को नई मजबूती देगा।
ऊर्जा सुरक्षा: यूएई बनेगा बड़ा एलएनजी सप्लायर
ऊर्जा क्षेत्र में भारत को प्रति वर्ष 0.5 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी की आपूर्ति के लिए समझौता हुआ, जिससे यूएई भारत का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता बन गया। साथ ही गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन के विकास में यूएई की भागीदारी पर भी हस्ताक्षर किए गए।
कृषि, खाद्य सुरक्षा और डेटा एंबेसी
खाद्य सुरक्षा और कृषि सहयोग पर हुए समझौते से भारतीय किसानों को लाभ और यूएई में खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। दोनों देश ‘डेटा एंबेसी’ स्थापित करने की संभावना पर भी साथ काम करेंगे, जो डिजिटल संप्रभुता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
न्यूक्लियर एनर्जी और AI में नई साझेदारी
भारत-यूएई ने न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में साझेदारी पर सहमति जताई। AI को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल करते हुए यूएई भारत में डेटा सेंटर्स में निवेश, सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर की स्थापना और पश्चिम एशिया व अफ्रीका के लिए संयुक्त निर्यात बढ़ाने पर सहमत हुआ। अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ की स्थापना से द्विपक्षीय संबंधों को संस्थागत आधार मिलेगा।
आतंकवाद पर पाकिस्तान को सख्त संदेश
दोनों नेताओं ने सीमा-पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की और साफ कहा कि आतंकवाद, उसके फंडर्स और समर्थकों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। क्षेत्रीय और वैश्विक शांति-सुरक्षा बनाए रखने पर भारत-यूएई की साझा प्रतिबद्धता ने पाकिस्तान को स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया।