‘सिंधियत जी सुहिणी शाम’ में झलकी सिंधी संस्कृति की अनुपम छटा, जितिन उदासी के भजनों ने बांधा समां
आगरा। उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी द्वारा भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सिंधियत जी सुहिणी शाम’ कार्यक्रम में सिंधी कला, संस्कृति और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। सूरसदन में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध गायक जितिन उदासी ने भावपूर्ण सिंधी भजन, ग़ज़लें और समसामयिक गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में मौजूद सिंधी समाज के लोग।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और भगवान झूलेलाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। पीर डॉ. शंकरनाथ योगी (मठाधीश, श्री सोमनाथ धाम) की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र, अकादमी के निदेशक अभिषेक कुमार अखिल तथा कार्यक्रम संयोजक हेमंत भोजवानी मुख्य मंचासीन रहे।
अभिषेक कुमार अखिल ने बताया कि अकादमी द्वारा सिंधी भाषा, लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण व संवर्धन हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सिंधी लोकगीत, नृत्य, वेशभूषा और ‘चटा भेटी’ जैसी पारंपरिक गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी को सिंधियत से जोड़ा जा रहा है।
विशेष सहयोग संस्था के रूप में श्री गुरु ठाकुर नाथ सेवा समिति आगरा का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम संयोजक हेमंत भोजवानी, जो पूर्व में उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के सदस्य भी रह चुके हैं, ने आयोजन को समन्वय से सफल बनाया।
इस मौके पर जयप्रकाश धर्मानी, श्याम भोजवानी, सुंदरलाल चेतवानी, कन्हैया सोनी, नरेश लखवानी, भरत मंगलानी, घनश्याम खियानी, टीकम लालवानी, नंदू भाई, खेमचंद तेजानी, पी.डी. भाई, लालचंद मोटवानी, महेश भाई, लक्ष्मण भावनानी, नरेश चावला, राजू लालवानी, जगदीश तौरानी, आनंद नोतनानी, संजय नोतनानी, हरीश लालवानी, भागचंद पंजवानी, पूजा भोजवानी, वर्षा धर्मानी आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन निदेशक अभिषेक कुमार अखिल द्वारा सभी अतिथियों और सहभागियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए किया गया।
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