वर्चुअल लैब्स से बदलेगी तकनीकी शिक्षा की दिशा: डीईआई में 6-7 को संगोष्ठी, देशभर के शिक्षाविद होंगे शामिल

आगरा। डिजिटल युग में तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और समयानुकूल बनाने की दिशा में दयालबाग शिक्षण संस्थान, आगरा एक अहम पहल करने जा रहा है। संस्थान में 6 एवं 7 फरवरी 2026 को वर्चुअल लैब्स विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी का केंद्रीय विषय “कॉन्सेप्ट से वास्तविकता की यात्रा” रखा गया है।

Feb 4, 2026 - 13:45
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वर्चुअल लैब्स से बदलेगी तकनीकी शिक्षा की दिशा: डीईआई में 6-7 को संगोष्ठी, देशभर के शिक्षाविद होंगे शामिल

यह राष्ट्रीय संगोष्ठी भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय शिक्षा मिशन ऑन आईसीटी (NMEICT) की प्रमुख पहल वर्चुअल लैब्स के तहत आयोजित की जा रही है। आयोजन स्थल दयालबाग शिक्षण संस्थान का अंतरराष्ट्रीय सेमिनार हॉल होगा। संगोष्ठी के संरक्षक संस्थान के निदेशक प्रो. सी. पटवर्धन होंगे।

देशभर के शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सहभागिता

इस संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से शिक्षाविद, तकनीकी विशेषज्ञ, शोधकर्ता और विद्यार्थी भाग लेंगे। यह मंच उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल शिक्षण प्रणालियों से जुड़े विषयों पर गंभीर और सार्थक विमर्श का अवसर प्रदान करेगा।

कोविड काल ने साबित की वर्चुअल लैब्स की उपयोगिता

कोविड-19 महामारी के दौरान जब कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद थे तथा पारंपरिक प्रयोगशालाओं तक छात्रों की पहुंच संभव नहीं थी, तब वर्चुअल लैब्स ने व्यावहारिक शिक्षा की निरंतरता बनाए रखी। छात्रों ने घर बैठे प्रयोग किए, अवधारणाओं को समझा और अपने प्रयोगात्मक कौशल को विकसित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड काल ने यह सिद्ध कर दिया कि भौतिक संसाधनों के बिना भी तकनीक के सहारे गुणवत्तापूर्ण प्रायोगिक शिक्षा संभव है, जिससे वर्चुअल लैब्स भविष्य की शिक्षा व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन गई हैं।

संगोष्ठी के दौरान प्रो. रंजन बोस (आईआईटी दिल्ली), प्रो. वेंकटेश चोप्पेला (आईआईआईटी हैदराबाद), प्रो. अमित अग्रवाल (आईआईटी बॉम्बे), प्रो. आर. के. उपाध्याय (केएनआईटी सुलतानपुर) जैसे प्रतिष्ठित शिक्षाविद वर्चुअल लैब्स की अवधारणा, विकास, क्रियान्वयन और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा करेंगे।

वर्चुअल लैब्स में दयालबाग की मजबूत पहचान

दयालबाग शिक्षण संस्थान वर्चुअल लैब्स परियोजना के अंतर्गत देश के अग्रणी संस्थानों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा चुका है। संस्थान में अब तक 21 वर्चुअल लैब्स पर कार्य किया गया है, जिनमें से 14 वर्चुअल लैब्स पूर्ण रूप से विकसित हो चुकी हैं। इनमें प्रमुख रूप से वर्चुअल पावर लैब, 3डी प्रिंटिंग वर्चुअल सिमुलेशन लैब, मेटल फॉर्मिंग वर्चुअल सिमुलेशन लैब, फाउंड्री एवं कास्टिंग आधारित मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेसेज़ लैब, कंट्रोल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स एंड डिजाइन, साइंटिफिक कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कंक्रीट टेक्नोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, लीनियर एल्जेब्रा तथा इंजीनियरिंग डायनामिक्स वर्चुअल लैब शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त मेटल फॉर्मिंग (प्रोसेसेज़ एंड एप्लिकेशंस), वेव्स, ऑप्टिक्स एंड क्वांटम मैकेनिक्स और इलेक्ट्रोएनालिटिकल वर्चुअल लैब्स पर तकनीकी उन्नयन, इंटरफेस माइग्रेशन और कंटेंट विस्तार का कार्य प्रगति पर है।

संगोष्ठी के अंतर्गत छात्रों को नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर की वर्चुअल लैब्स स्टूडेंट हैकाथॉन का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें छात्र वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए अपनी रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करेंगे। चयनित छात्रों को दयालबाग शिक्षण संस्थान में इंटर्नशिप का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।

SP_Singh AURGURU Editor