गौ महिमा महोत्सव के समापन में गूंजा सनातन चेतना का स्वर: अब आ जाओ गोपाला…
आगरा। सूरसदन में चल रहे गौ महिमा महोत्सव के समापन अवसर पर मंगलवार शाम धर्मभाव, भजन और वैदिक विचारों से भरे वातावरण में ग्वाल संत गोपालानंद जी ने कहा- भारत को अगर फिर से दिव्य, भव्य और अखंड सनातन राष्ट्र बनाना है तो भारत के प्राणतत्व गौ माता की सेवा, सुरक्षा, संवर्धन और समादर पर संपूर्ण सनातन समाज को गंभीर ध्यान देना होगा।
-ग्वाल संत गोपालानंद बोले- गौ सेवा के बिना नहीं बनेगा भारत जगतगुरु, रसराज महाराज ने शिव तत्व का किया बोध
उन्होंने पुराणों के माध्यम से गौ माता के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि गौ सेवा प्रभु प्राप्ति का सशक्त माध्यम है। ऋषि गौतम और अहिल्या प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गौ माता वह सदगृहणी देती है जो साधक को ईश्वर के मार्ग पर अग्रसर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस स्थान पर गौमाता संतुष्ट होकर वास करती हैं, वहां लक्ष्मी जी स्थायी निवास करती हैं।
ग्वाल संत ने कहा कि जो व्यक्ति जीवन के अंतिम क्षण तक भावपूर्वक गौ माता की सेवा करता है, उसके लिए स्वयं गौ माता वैतरिणी तट पर आकर उसे पार कराकर वैकुंठ पहुंचा देती हैं।
इस दौरान भजन- इस कलिकाल में गौ माता का कोई नहीं रखवाला.. अब आ जाओ गोपाला” पर पूरा पंडाल भावविभोर होकर झूम उठा।
शिव तत्व के रहस्य को रसराज महाराज ने प्रकट किया
शिव महापुराण कथा के विश्राम दिवस पर पूज्य रसराज महाराज ने कहा, भगवान शिव की परम उपासना से ही भगवत साक्षात्कार संभव है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने गोपेश्वर रूप धारण कर वृंदावन में रास दर्शन किया और श्रीकृष्ण की महिमा का साक्षात अनुभव किया।
रसराज महाराज ने कहा कि शिव को रासलीला इतनी प्रिय है कि वे गोपी रूप धारण कर ‘गोपेश्वर महादेव’ बन जाते हैं। नरसी मेहता को जो महारास का दर्शन मिला, वह शिव की ही कृपा से संभव हुआ।
इस प्रसंग पर जब भजन- एक दिना भोले भंडारी, बनकर के ब्रज की नारी, रास में आ गए हैं…, गाया गया तो श्रद्धालु झूम उठे।
पार्थिव शिव पूजन और मंगल कलश वितरण
कथा समापन के उपरांत महिला श्रद्धालुओं को मंगल कलश वितरित किए गए। यह सेवा पार्षद मुरारीलाल गोयल पेंट वाले, पूर्व पार्षद कुंदनिका शर्मा, सुमन गोयल व कुमकुम उपाध्याय द्वारा की गई। सुबह श्रद्धालुओं ने पार्थिव शिवलिंग बनाकर अभिषेक किया।
गोपेश कृष्ण दास, साध्वी निष्ठा गोपाल सरस्वती, पार्षद मुरारीलाल गोयल पेंट वाले, पूर्व पार्षद कुंदनिका शर्मा, ऋषि उपाध्याय, मुख्य यजमान मनोज यादव, सुनील शर्मा, प्रवीण भारद्वाज, उमा दत्त शर्मा, इंद्रदीप जैन, नितेश बंसल एड., प्रवीण आर्य, प्रियंका ठाकुर, आकाश त्यागी, ऋषि रंजना, विजय ओझा और सनातन केसरी प्रमुख रूप से आरती में शामिल रहे।