ताज महोत्सव में वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम ने छेड़ा रीडिजायन का वैश्विक अभियान, बनारसी साड़ियों को मिलेगा नया जीवन

आगरा। ताजमहोत्सव के मंच पर परंपरा और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिला, जब लगभग पांच हजार पुरानी बनारसी साड़ियों को रीडिजायन करने के लक्ष्य के साथ वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के विशेष कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। यह आयोजन 21 से 26 फरवरी तक चलेगा, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से आए बुनकर और फैशन डिजायनर न केवल अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश के कारीगरों को प्रशिक्षण देकर हुनर का आदान–प्रदान भी करेंगे।

Feb 21, 2026 - 20:46
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ताज महोत्सव में वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम ने छेड़ा रीडिजायन का वैश्विक अभियान, बनारसी साड़ियों को मिलेगा नया जीवन
ताज महोत्सव में वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के रीडिजायन अभियान के उद्घाटन के मौके पर मौजूद उद्योग विभाग के अधिकारी।

ताज महोत्सव परिसर में मुख्य मंच के पास लगभग चार हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में भव्य सेटअप तैयार किया गया है। यहां देशभर से आए बुनकर, डिजायनर और कारीगर पारंपरिक बनारसी साड़ियों को आधुनिक परिधानों में ढालने का कार्य कर रहे हैं। खास बात यह है कि आगरा के लोग भी अपनी मां या किसी विशेष स्मृति से जुड़ी पुरानी बनारसी साड़ियों को यहां नया रूप दिलवा सकते हैं।

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ मुख्य अतिथि राजकमल यादव, प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश स्मॉल इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ने किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ओडीओपी और वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम का संयुक्त प्रयास है, जिसके माध्यम से पुरानी वस्तुओं को नया लुक देकर समयानुकूल बनाया जा रहा है। उन्होंने लगाए गए स्टॉल और सेटअप का निरीक्षण कर बुनकरों व डिजायनरों का उत्साहवर्धन किया।

वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के सीईओ अंकुश अनामी ने बताया कि 21 से 26 फरवरी तक देश के चुनिंदा डिजायनर पुरानी बनारसी साड़ियों को रीडिजायन कर परंपरागत और आधुनिक परिधान तैयार करेंगे। विभिन्न प्रांतों से आए बुनकर अपनी कला और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कच्छ क्षेत्र में शेष रह गई प्राकृतिक रंगाई (नेचुरल डाइंग) की परंपरा को जीवित रखने वाले विशेषज्ञ, जरी और ज़र्दोज़ी के अनुभवी आर्टीज़न्स यहां लाइव डेमो दे रहे हैं। इनका उद्देश्य केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों को प्रशिक्षण देकर उनकी आजीविका के नए रास्ते खोलना भी है।

आगरा के जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शैलेन्द्र सिंह आगरा ने कहा कि ओडीओपी उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए यह एक प्रभावी पहल है, जिससे कारीगरों की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनेगी।

कार्यक्रम में एमएसएमई के जॉइंट कमिश्नर अनुज कुमार, प्रतीक्षा अग्निहोत्री, तान्या रावत, रवि सिंह, शक्ति सिंह, धीरज तिवारी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

कानपुर के कारीगर सिखा रहे आगरा के कारीगरों को लैदर पर पच्चेकारी का हुनर

आगरा। ताजमहोत्सव में वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के कार्यक्रम के अंतर्गत कानपुर से आए लैदर कारीगर, आगरा के कारीगरों को लैदर पर पच्चेकारी (एम्बेलिशमेंट और इम्बॉस वर्क) का विशेष प्रशिक्षण दे रहे हैं। जिस प्रकार आगरा के कारीगर मार्बल पच्चेकारी में निपुण हैं, उसी तरह कानपुर के कारीगर लैदर वर्क में महारथ रखते हैं।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य लगभग लुप्त हो चुकी लैदर पच्चेकारी कला को पुनर्जीवित करना, कारीगरों के बीच कौशल का आदान–प्रदान करना और उन्हें रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में लैदर से बने पर्स, बैग, बेल्ट और अन्य उत्पादों पर की गई पच्चेकारी को भी प्रदर्शित किया गया है, जो दर्शकों को खासा आकर्षित कर रही है।

SP_Singh AURGURU Editor