1024 अर्घ्यों से शालीमार जैन मंदिर में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान ने रचा आध्यात्मिक इतिहास
आगरा। कमला नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, शालीमार एनक्लेव में अष्टानिका महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के अद्भुत संगम के बीच निरंतर संपन्न हो रहा है। नौवें दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं ने श्रीजी के समक्ष 1024 अर्घ्य अर्पित कर वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंदिर परिसर जयघोष, मंत्रोच्चारण और संगीत की मधुर ध्वनियों से गूंज उठा।
विधान पुण्यार्जक परिवार पारस जैन कंसल, संभव जैन कंसल एवं मधु जैन कंसल के संयोजन में यह धार्मिक अनुष्ठान गरिमामय रूप से संचालित हो रहा है। बाल ब्रह्मचारी आशीष जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में प्रतिदिन विधिविधानपूर्वक कार्यक्रम संपन्न किए जा रहे हैं।
मंगलवार को प्रातःकाल श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं नित्य नियम पूजन किया। इसके उपरांत इंद्र-इंद्राणियों ने मंडल पर विराजमान सिद्धों के गुणों का गुणगान करते हुए सामूहिक रूप से 1024 अर्घ्य श्रीजी के चरणों में समर्पित किए।
संगीतमय भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु आदिनाथ की आराधना में लीन हो गए। पूरा मंदिर परिसर भक्ति की अनुपम आभा से आलोकित नजर आया। श्रद्धालुओं ने इसे आत्मशुद्धि और पुण्यार्जन का दुर्लभ अवसर बताया।
मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने जानकारी दी कि 23 फरवरी से प्रारंभ हुआ यह भव्य विधान 4 मार्च को विश्व शांति महायज्ञ एवं होली मिलन समारोह के साथ संपन्न होगा। समापन अवसर पर विशेष पूजन, आहुति एवं सामाजिक सौहार्द कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विधान में विनीत जैन, अभिषेक जैन, अजीत जैन, हर्ष जैन, गौरव जैन, मिथलेश जैन, राजकुमार गुड्डू, राजू गोधा, संजू गोधा, रूपचंद जैन, शैलेंद्र जैन, अनुमूर्ति जैन, अनामिका जैन सहित शालीमार एनक्लेव जैन समाज के अनेक गणमान्य सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।