केरल के सीएम को लेकर कांग्रेस में सस्पेंस, पार्टी नहीं कर पा रही फैसला, वेणुगोपाल और सतीशन खेमों में खींचतान जारी

कांग्रेस नेतृत्व मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करने से पहले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के प्रमुख सहयोगी दलों से भी बातचीत कर सकता है। फिलहाल बातचीत और रायशुमारी का दौर पूरा हो चुका है।

May 11, 2026 - 21:27
 0
केरल के सीएम को लेकर कांग्रेस में सस्पेंस, पार्टी नहीं कर पा रही फैसला, वेणुगोपाल और सतीशन खेमों में खींचतान जारी

तिरुवनंतपुरम। केरल में अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसे लेकर कांग्रेस में सस्पेंस अभी भी बना हुआ है। नई दिल्ली में लगातार बैठकों और चर्चाओं के बाद भी पार्टी हाईकमान ने अभी तक अंतिम फैसला नहीं लिया है। इस बीच केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशन के समर्थन में अलग-अलग खेमों की लॉबिंग तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता एके एंटनी को इस फैसले में अहम भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करने से पहले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख सहयोगी दलों से भी बातचीत कर सकता है। फिलहाल बातचीत और रायशुमारी का दौर पूरा हो चुका है और तीन मुख्य दावेदार केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला हाईकमान के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

केसी वेणुगोपाल के समर्थकों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व विधायक दल के बहुमत की राय और वेणुगोपाल के राष्ट्रीय स्तर के संगठनात्मक अनुभव को अहमियत दे सकता है। उनका यह भी दावा है कि पार्टी हाईकमान के एक वर्ग में वेणुगोपाल के पक्ष में सकारात्मक माहौल है।

दूसरी तरफ वीडी सतीशन के समर्थकों का कहना है कि केरल में जनता का मूड और कई यूडीएफ सहयोगियों का समर्थन उनके पक्ष को मजबूत बना रहा है। हालांकि बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने सतीशन समर्थकों के सार्वजनिक प्रदर्शन और शक्ति प्रदर्शन पर नाराजगी जताई है। इसके बावजूद सतीशन खेमे का कहना है कि पार्टी जमीनी माहौल को नजरअंदाज नहीं कर सकती।

तीसरे दावेदार रमेश चेन्निथला ने भी अपनी वरिष्ठता और लंबे प्रशासनिक व राजनीतिक अनुभव के आधार पर हाईकमान के सामने मजबूत दावेदारी पेश की है। सूत्रों का कहना है कि चेन्निथला अब भी उम्मीद लगाए हुए हैं कि नेतृत्व आखिरकार उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दे सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने तीनों नेताओं से कहा कि सभी सक्षम उम्मीदवार हैं और अंतिम फैसला योग्यता के साथ-साथ बड़े राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में तुरंत घोषणा के लिए उपयुक्त नहीं है।