पालीवाल पार्क में प्रकृति ने सिखाया जीवन का पाठ: गायत्री पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों का जागरूकता से भरपूर प्रकृति भ्रमण
आगरा। शहर के पालीवाल पार्क में आज प्रातः एक विशेष प्रकृति भ्रमण कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को किताबों से बाहर निकलकर प्रकृति की वास्तविक दुनिया से रूबरू कराया। गायत्री पब्लिक स्कूल के कक्षा 8, 9 एवं 10 के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने हरियाली, वृक्षों की पहचान, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को न केवल समझा, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव भी किया। यह आयोजन पर्यावरण के प्रति नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।
वृक्षों की छांव में सीख, बीजों की पहचान और प्रकृति से संवाद
आज प्रातः 8:00 बजे पालीवाल पार्क, आगरा में आयोजित इस प्रकृति भ्रमण में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भ्रमण के दौरान छात्रों को विभिन्न वृक्षों एवं पौधों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने अर्जुन, नीम, बकाइन, कृष्ण कदम्ब तथा अन्य कई वृक्षों की पहचान की और उनके पारिस्थितिक महत्व को समझा। विशेष रूप से नीम एवं बकाइन वृक्षों के बारे में बताया गया कि ये न केवल छाया प्रदान करते हैं, बल्कि वायु शुद्धिकरण और मानव स्वास्थ्य संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आक्रामक प्रजातियों से खतरे की सीख, विलायती बबूल पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शहरी पारिस्थितिकी में पाई जाने वाली हानिकारक आक्रामक प्रजातियों के बारे में भी जागरूक किया गया। विशेष रूप से विलायती बबूल के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे छात्रों को यह समझ आया कि अनियंत्रित वनस्पति प्रजातियाँ जैव विविधता के संतुलन को कैसे प्रभावित करती हैं।
कृष्ण कदम्ब ने बढ़ाई जिज्ञासा, बीज संग्रह बना आकर्षण का केंद्र
कृष्ण कदम्ब वृक्ष को देखकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली। वहीं छात्रों ने विभिन्न पौधों के बीज एकत्रित किए, जिससे उन्हें पौधों के जीवन चक्र और पुनरुत्पादन प्रक्रिया की भी व्यावहारिक समझ मिली।
पार्क में खिले हुए पीले गुलमोहर की सुंदरता ने पूरे वातावरण को और अधिक आकर्षक बना दिया, जिसे देखकर छात्र-छात्राएं अत्यंत आनंदित हुए।
विशेषज्ञों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इस अवसर पर पर्यावरणविद् केसी जैन एवं डॉ. मुकुल पंड्या ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। दोनों विशेषज्ञों ने शहरी हरियाली, जैव विविधता, पारिस्थितिक संतुलन तथा वृक्षों के संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण के इस दौर में प्रकृति से जुड़ाव ही स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी रुचि, जिज्ञासा और संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। यह अनुभव उनके लिए केवल एक शैक्षिक भ्रमण नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आत्मीय जुड़ाव का अवसर बन गया।