बरेली के महिला अस्पताल के औचक निरीक्षण में डॉक्टर गायब मिलीं, मरीज बेहाल, तीन महीने बाद मिल रही थी अल्ट्रासाउंड की तारीख, एडीएम बोलीं-  डीएम को भेजी जाएगी रिपोर्ट

-आरके सिंह- बरेली। जिला महिला चिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं, लापरवाही और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर सोमवार को उस समय खुलकर सामने आ गई, जब जिले की वरिष्ठ महिला प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल का संयुक्त औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में चिकित्सकों की अनुपस्थिति से लेकर मरीजों के साथ दुर्व्यवहार, अल्ट्रासाउंड व्यवस्था में भारी गड़बड़ी और इमरजेंसी सेवाओं की बदहाली तक कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।

May 11, 2026 - 19:19
 0
बरेली के महिला अस्पताल के औचक निरीक्षण में डॉक्टर गायब मिलीं, मरीज बेहाल, तीन महीने बाद मिल रही थी अल्ट्रासाउंड की तारीख, एडीएम बोलीं-  डीएम को भेजी जाएगी रिपोर्ट
बरेली के महिला अस्पताल का निरीक्षण करतीं महिला प्रशासनिक अधिकारी।

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पूर्णिमा सिंह के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी (न्यायिक) मीरगंज निधि डोडवाल, अपर उपजिलाधिकारी (सदर) मल्लिका नैन, जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राना तथा सहायक निदेशक मत्स्य गायत्री पाण्डेय ने संयुक्त रूप से जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक त्रिभुवन प्रसाद अनुपस्थित मिले। इतना ही नहीं, ड्यूटी रोस्टर के अनुसार तैनात गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. शमी और डॉ. मीनाक्षी भी ड्यूटी से नदारद पाई गईं। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ के अधिकांश कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गये।

अल्ट्रासाउंड व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

निरीक्षण टीम को अल्ट्रासाउंड कक्ष में मरीजों के आवागमन का कोई वैध रजिस्टर नहीं मिला। मौके पर मौजूद अल्ट्रासाउंड नोडल अधिकारी एवं रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सी.पी. सिंह इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये।

वहीं अल्ट्रासाउंड वार्ड में तैनात वार्ड सहायक नीलम यादव के खिलाफ मरीजों से दुर्व्यवहार की कई शिकायतें भी सामने आईं। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश जारी किये।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को तीन महीने बाद की तारीख दी जा रही है। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

इमरजेंसी में स्ट्रेचर तक नहीं, मरीज परेशान

निरीक्षण के दौरान अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं की बदहाल स्थिति भी सामने आई। इमरजेंसी गेट पर मरीजों के आवागमन के लिए न तो स्ट्रेचर उपलब्ध था और न ही व्हीलचेयर। वहां कोई वार्ड सहायक या सुरक्षा गार्ड भी मौजूद नहीं मिला।

हेल्प डेस्क पर शिकायत पंजिका की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। शिकायतों के निस्तारण की स्थिति स्पष्ट न होने पर अधिकारियों ने उसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिये।

मरीजों ने सुनाई बदहाली की कहानी

निरीक्षण के दौरान मौजूद मरीज श्रीमती तरनीम पत्नी मुक्तदा रजा खान ने अधिकारियों को बताया कि उनकी पैथोलॉजी जांच अस्पताल में नहीं की जा रही है। संबंधित कर्मचारी ने उन्हें बाहर जांच कराने की सलाह दी, जिस पर करीब 1700 रुपये खर्च होने की बात कही गई।

वहीं दूसरी मरीज श्रीमती पूनम शुक्ला ने शिकायत की कि अस्पताल में प्रोजेस्ट्रोन इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण उन्हें बाहर से इंजेक्शन लगवाना पड़ा।

डीएम को भेजी जाएगी रिपोर्ट

अपर जिलाधिकारी पूर्णिमा सिंह ने कहा कि निरीक्षण में सामने आई सभी अनियमितताओं की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

इस औचक निरीक्षण ने जिला महिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर वास्तव में कार्रवाई होगी या फिर मामला केवल जांच रिपोर्ट तक सीमित रह जाएगा।

SP_Singh AURGURU Editor