अब फरियादी नहीं काटेंगे थानों के चक्करः शाहजहांपुर पुलिस की नई व्यवस्था से 24 घंटे में 66 शिकायतें मौके पर दर्ज, आधे से ज्यादा मामलों में तुरंत मिला न्याय

-राजीव शर्मा- शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पुलिस ने एक नई और अनोखी पहल शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत अब पीड़ितों को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि पुलिस खुद मौके पर पहुंचकर शिकायत दर्ज करेगी और तत्काल कार्रवाई भी सुनिश्चित करेगी। इस नई व्यवस्था का असर पहले ही दिन दिखाई दिया, जब महज 24 घंटे के भीतर 66 शिकायतें मौके पर दर्ज की गईं और उनमें से आधे से अधिक मामलों का निस्तारण भी कर दिया गया।

May 12, 2026 - 21:59
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अब फरियादी नहीं काटेंगे थानों के चक्करः शाहजहांपुर पुलिस की नई व्यवस्था से 24 घंटे में 66 शिकायतें मौके पर दर्ज, आधे से ज्यादा मामलों में तुरंत मिला न्याय

जिले के पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि जिले में पदभार संभालने के बाद उन्होंने महसूस किया कि दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पुलिस मुख्यालय तक पहुंचते हैं। इससे आम लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। इतना ही नहीं, कई मामलों में शिकायत घटना के काफी समय बाद दर्ज कराई जाती थी, जिससे वास्तविक घटनाक्रम बदलकर या तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने की आशंका बनी रहती थी।

इसी समस्या को देखते हुए शाहजहांपुर पुलिस ने पीआरबी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) आधारित नई व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था में पीआरबी टीम मौके पर पहुंचकर पीड़ित से तत्काल लिखित प्रार्थना पत्र लेगी और उसे सीधे संबंधित थाने को भेजेगी। इसके बाद थाना प्रभारी की जिम्मेदारी होगी कि वह तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करे।

एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि पहले पीआरबी सिर्फ मौके पर पहुंचकर पीड़ित को थाने भेज देती थी, लेकिन अब पीड़ित को थाने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पुलिस स्वयं उनसे संपर्क कर आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से लोगों को राहत मिलेगी और पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में पीआरबी को 66 लिखित शिकायतें मौके पर प्राप्त हुईं। इनमें से आधे से ज्यादा मामलों में तत्काल समाधान कर पीड़ितों को न्याय दिलाया गया, जबकि बाकी मामलों में जांच और आवश्यक कार्रवाई जारी है। कुछ मामलों की जांच संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि पीआरबी कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे घटना स्थल पर पहुंचकर मौके के साक्ष्य भी संकलित करेंगे और उन्हें सुरक्षित रखेंगे। इससे घटनाओं की वास्तविकता सामने आएगी और बाद में तथ्यों को बदलने या बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की संभावना कम होगी।

उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था रविवार रात से लागू की गई है और इसकी नियमित समीक्षा स्वयं उनके द्वारा की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिले में वर्तमान समय में पीआरबी ड्यूटी पर लगभग 400 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनके लिए 62 चारपहिया वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि अलग से दोपहिया वाहन भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रतिदिन लगभग 300 शिकायतें पीआरबी को प्राप्त होती हैं, जिनमें से गंभीर और थाना स्तर की शिकायतों को कार्रवाई के लिए संबंधित थानों को भेजा जाता है।

इस नई पहल को लेकर जिले में आम लोगों के बीच सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि व्यवस्था इसी तरह प्रभावी ढंग से लागू रही तो पुलिस और जनता के बीच भरोसा मजबूत होगा और फरियादियों को राहत मिलेगी।

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SP_Singh AURGURU Editor