1.08 करोड़ की प्रॉपर्टी डील में बड़ा खेल, विवादित संपत्ति को ‘पाक-साफ’ बताकर कराया बैनामा
आगरा में 1.08 करोड़ रुपये की संपत्ति को विवाद-मुक्त बताकर बैनामा कराने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि पीपल मंडी स्थित संपत्ति पहले से कोर्ट में लंबित थी, जिसकी जानकारी छिपाई गई। कोर्ट के आदेश पर थाना छत्ता में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कोर्ट में लंबित मुकदमे का बाद में हुआ खुलासा
आगरा। शहर में 1.08 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ी कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि पीपल मंडी स्थित एक संपत्ति को पूरी तरह विवाद-मुक्त और वैध बताकर 29 मई 2024 को उसका बैनामा कराया गया, लेकिन खरीद के बाद पता चला कि उक्त संपत्ति पहले से ही न्यायालय में लंबित मुकदमे में शामिल है।
मामले में अजय गुप्ता, प्रियंक गुप्ता, शशांक गुप्ता और मयंक गुप्ता को नामजद किया गया है। इसके अलावा पवन कुमार गुप्ता और अनिल कुमार गुप्ता पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट के आदेश पर थाना छत्ता में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
29 मई 2024 को हुई रजिस्ट्री
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने पीपल मंडी स्थित संपत्ति को पूरी तरह वैध और किसी भी प्रकार के विवाद से मुक्त बताते हुए भरोसा दिलाया। सभी दस्तावेज सही होने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद 29 मई 2024 को रजिस्ट्री संपन्न हुई और 1.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। लेकिन बाद में जब संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई, तो सामने आया कि उस पर पहले से ही अदालत में मुकदमा विचाराधीन है।
साजिश और धमकी का आरोप
पीड़िता का कहना है कि जब उसने इस बारे में आरोपियों से सवाल किया तो उन्होंने न केवल टालमटोल की, बल्कि कथित रूप से धमकी भी दी। आरोप है कि सभी नामजद व्यक्तियों ने आपसी साजिश के तहत तथ्य छिपाकर संपत्ति का सौदा किया।
कोर्ट की शरण में पहुंची पीड़िता
थाने में शिकायत पर सुनवाई न होने के बाद पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर थाना छत्ता में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रजिस्ट्री दस्तावेज, कोर्ट रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।