बरेली में दरिंदगी का शिकार हुई 11 वर्ष की बालिका ने फांसी लगाकर जान दे दी, 26 साल के जीशान ने मासूम से दुष्कर्म के अलावा शरीर को नाखूनों से नोचा, दांतों से काटा, पुलिस ने जेल भेजा वहशी
-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 11 वर्षीय नाबालिग छात्रा को एक दरिंदे ने अपनी हवस का शिकार बनाया। उसके शरीर को नाखूनों से नोचा, दांतों से काटा और दुष्कर्म किया। इस दरिंदगी से टूट चुकी बालिका ने मानसिक आघात सहन न कर पाने के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई बर्बरता ने पूरे मामले को और भयावह बना दिया। पुलिस ने इस दरिंदे को दबोच लिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली दरिंदगी की परतें
घटना 27 अप्रैल 2026 की है, जब थाना मीरगंज क्षेत्र के ग्राम दियोरिया अब्दुल्लागंज में एक नाबालिग बालिका की संदिग्ध मौत की सूचना पुलिस को मिली। मृतका आठवीं की छात्रा थी। शुरुआत में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो सच्चाई ने सभी को स्तब्ध कर दिया। रिपोर्ट में नाबालिग छात्रा के शरीर पर नाखूनों से नोचने के कई नए और पुराने निशान मिले। जननांगों पर गंभीर चोटें थीं और दांतों से काटे जाने के स्पष्ट प्रमाण मिले। मृत्यु का कारण फांसी बताया गया, जबकि दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई।
दरिंदे की पहचान और गिरफ्तारी
एसपी साउथ अंशिका वर्मा के अनुसार, मृतका की छोटी बहन के बयान इस केस में अहम साबित हुए। बहन ने बताया कि गांव का जीशान (उम्र करीब 26 वर्ष) अक्सर स्कूल के पास तालाब के किनारे नाबालिग छात्रा से मिलता था, उससे हंसी-मजाक करता था। बालिका की छोटी बहन को कुछ पैसे देकर कहता था कि वह अपनी मां को कुछ न बताये।
छोटी बहन से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए साक्ष्य जुटाए और आरोपी जीशान को मीरगंज के साप्ताहिक बाजार के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
दुष्कर्म के बाद टूटी छात्रा, नहीं कर सकी सामना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने 11 वर्षीय छात्रा को बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। घटना के बाद जब छात्रा बेसुध अवस्था से संभली, तो घर पहुंची। उस समय उसकी मां बाजार गई हुई थी।
अपने साथ हुई हैवानियत का दर्द किसी से साझा करने के बजाय उसने कमरे में जाकर गले में फंदा लगा लिया और अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
पहले नहीं था शक, पोस्टमार्टम ने बदला केस
शुरुआत में परिजनों को आत्महत्या के पीछे की असल वजह का अंदाजा नहीं था, इसलिए वे पुलिस कार्रवाई के इच्छुक भी नहीं थे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई सच्चाई ने पूरे मामले को हत्या और दुष्कर्म की दिशा में मोड़ दिया।
धाराओं में बदलाव, जांच जारी
पहले थाना मीरगंज में धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर इन धाराओं को हटाकर धारा 65(1)/108 बीएनएस व 4(2) पॉक्सो एक्ट की वृद्धि की गई है। मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक संजय तोमर द्वारा की जा रही है।