मानसिक रूप से कमजोर पत्नी को बांधकर करंट से तड़पा-तड़पा कर मारने वाले पति को उम्र कैद, बरेली में नवाबगंज के चैना गांव के इस हत्याकांड पर अदालत बोली- यह सिर्फ हत्या नहीं, क्रूरता की पराकाष्ठा
-आरके सिंह- बरेली। पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिल दहला देने वाली वारदात के मामले में बरेली की अदालत ने हत्यारे पति को उम्र कैद की सजा सुनाई है। मानसिक रूप से कमजोर पत्नी को चारपाई से बांधकर बिजली का करंट देकर मौत के घाट उतारने वाले आरोपी पति की हैवानियत ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया था। अपर सत्र न्यायाधीश-9 अविनाश कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी विनोद कुमार को हत्या का दोषी मानते हुए उम्र कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
यह सनसनीखेज मामला बरेली जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के चैना गांव का है। यहां रहने वाला विनोद कुमार अपनी पत्नी सत्यवती की मानसिक बीमारी से परेशान बताया जा रहा था। सरकारी वकील एडीजीसी राठौर के मुताबिक आरोपी अक्सर अपनी पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट करता था, लेकिन एक और दो मई 2022 की रात उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
अदालत में पेश साक्ष्यों के अनुसार, रात में जब सत्यवती सो रही थी, तब विनोद कुमार ने बैलगाड़ी की रस्सियों से उसके हाथ-पैर चारपाई से कसकर बांध दिए। इसके बाद उसने बिजली के बोर्ड से एल्युमिनियम केबल जोड़कर पत्नी को बार-बार करंट लगाया। महिला दर्द से तड़पती रही, चीखती रही, लेकिन आरोपी पति का दिल नहीं पसीजा। उसने तब तक करंट लगाया जब तक सत्यवती की मौत नहीं हो गई।
हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए आरोपी ने बेहद शातिराना तरीका अपनाया। उसने हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी और तार को घर की छत पर फेंक दिया और रात करीब दो बजे ईंट भट्ठे पर काम करने चला गया, ताकि खुद को बेगुनाह साबित कर सके। अगली सुबह उसने मृतका के मायके वालों और पुलिस को गुमराह करते हुए कहा कि सत्यवती मानसिक रूप से परेशान थी और उसने खुद ही बिजली के नंगे तार पकड़ लिए थे।
लेकिन मृतका के भाई संजीव निवासी शाहजहांपुर को आरोपी की कहानी पर शक हुआ। उन्होंने थाना नवाबगंज में आरोपी के खिलाफ धारा 498ए और 302 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। मामले की जांच और अदालत में चली सुनवाई के दौरान सच पूरी तरह सामने आ गया।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर फराज अनवर ने अदालत में साफ कहा कि मृतका के शरीर पर अलग-अलग जगहों पर करंट के गंभीर निशान मिले थे, जिन्हें कोई व्यक्ति स्वयं अपने शरीर पर नहीं बना सकता। पुलिस ने आरोपी विनोद कुमार की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी और बिजली का तार भी बरामद किया, जिसने हत्या की पूरी साजिश को उजागर कर दिया।
सरकारी पक्ष ने अदालत में नौ गवाह पेश किए, जिनके बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में इस हत्या को बेहद निर्मम और अमानवीय बताते हुए कहा कि आरोपी किसी भी प्रकार की दया का पात्र नहीं है।