पश्चिम बंगाल में खून से रंगी सियासत, चुनाव बाद शुभेंदु अधिकारी के करीबी की गोली मारकर हत्या

शुभेंदु अधिकारी के करीबी पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या। मध्यग्राम में बीच सड़क पर गाड़ी रोककर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग। चार राउंड फायर, अस्पताल ले जाते समय मौत। ड्राइवर भी घायल। भाजपा ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया आरोप लगाया। चुनाव परिणाम के बाद बंगाल में हिंसा की घटनाएं तेज। पुलिस जांच जारी, इलाके में भारी फोर्स तैनात।

May 7, 2026 - 00:05
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पश्चिम बंगाल में खून से रंगी सियासत, चुनाव बाद शुभेंदु अधिकारी के करीबी की गोली मारकर हत्या
चंद्रनाथ रथ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर हिंसा के खौफनाक दौर में प्रवेश करती दिख रही है। चुनावी परिणामों के बाद राज्य में बढ़ती राजनीतिक रंजिश अब खुलेआम खून-खराबे में बदलती जा रही है। इसी कड़ी में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और उनके प्रमुख पीए चंद्रनाथ रथ की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई।

घटना उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके की बताई जा रही है, जहां हमलावरों ने बीच सड़क पर उनकी गाड़ी रुकवाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने करीब से चार राउंड फायर किए, जिससे रथ गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उस वक्त गाड़ी में उनके साथ ड्राइवर भी मौजूद था, जिसे भी गोली लगी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

इस हत्याकांड के बाद भाजपा ने सीधे तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह घटना कोई सामान्य आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि राजनीतिक हत्या है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। भाजपा के कई वरिष्ठ नेता अस्पताल पहुंच चुके हैं और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया जा रहा है।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

वारदात के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हमलावरों की पहचान के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

“रक्तरंजित बंगाल” की वापसी?

यह घटना एक बार फिर उस बहस को हवा दे रही है कि क्या पश्चिम बंगाल की राजनीति फिर से हिंसा के उसी दौर में लौट रही है, जहां सत्ता संघर्ष का मतलब केवल चुनाव नहीं बल्कि जानलेवा टकराव बन जाता है। चुनाव परिणामों के बाद राज्य में कई जगहों से हिंसा, आगजनी और हमलों की खबरें सामने आ चुकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण इतना गहरा हो चुका है कि छोटी घटनाएं भी बड़े टकराव में बदल जाती हैं। चंद्रनाथ रथ की हत्या को इसी बढ़ती राजनीतिक कटुता और बदले की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।