नाला निर्माण बना मौत का गड्ढा, आगरा में दीवार ढही, मलबे में दबकर मजदूर की मौत
आगरा के बाग फरजाना इलाके में नगर निगम के नाला निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी की दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा पुराने नाले की दीवार तोड़ते समय हुआ। मृतक की पहचान रमेश के रूप में हुई है। घायल करन का एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। घटना के बाद निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
नगर निगम के निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा, एक मजदूर ने गंवाई जान, दूसरा जिंदगी की जंग लड़ रहा
आगरा। आगरा में नगर निगम के नाला निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। पुराने नाले की दीवार तोड़ते समय पास स्थित डेंटल क्लीनिक की मिट्टी से बनी बाउंड्री अचानक भरभराकर गिर गई। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना थाना हरीपर्वत क्षेत्र के बाग फरजाना इलाके की है, जहां नगर निगम की ओर से नाला निर्माण और मरम्मत का काम कराया जा रहा था। मजदूर पुराने नाले की दीवार तोड़ रहे थे। इसी दौरान नाले से सटी डेंटल क्लीनिक की मिट्टी की बाउंड्री को नीचे से सहारा नहीं मिल पाया। अचानक पूरी दीवार मजदूरों के ऊपर ढह गई।
मलबे में दबे मजदूर, इलाके में मची चीख-पुकार
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
गनीमत यह रही कि जिस समय दीवार गिरी, उस वक्त सड़क से कोई राहगीर नहीं गुजर रहा था। वरना बड़ा जनहानि हादसा हो सकता था।
फल विक्रेता ने बताया हादसे का मंजर
स्थानीय फल विक्रेता बुजुर्ग रामचंद्र ने बताया कि मजदूर काफी देर से नाले की दीवार तोड़ने का काम कर रहे थे। तभी अचानक पास की मिट्टी की दीवार भरभराकर गिर गई। उनके अनुसार, दो मजदूर सीधे मलबे के नीचे दब गए, जबकि एक अन्य मजदूर के हाथ में चोट आई।
संविदाकर्मी रमेश की मौत, करन गंभीर
हादसे में थाना ताजगंज क्षेत्र के कलाल खेड़िया राकावली गांव निवासी संविदाकर्मी रमेश की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके साथ काम कर रहे करन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल करन को तत्काल एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि करन के दोनों पैरों, सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
एक ही गांव के थे दोनों मजदूर
गांव से अस्पताल पहुंचे पवन ने बताया कि रमेश और करन दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और नगर निगम के निर्माण कार्य में संविदा पर काम कर रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही गांव और परिवार में मातम छा गया।
मलबे में दबी मिलीं चप्पलें और सेफ्टी शूज
घटना के बाद जब मलबा हटाया गया तो मजदूरों की चप्पलें और सेफ्टी शूज मलबे में दबे मिले। यह दृश्य हादसे की भयावहता को बयां कर रहा था। मौके पर काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही। स्थानीय लोगों ने नगर निगम के निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
हादसे के बाद लोगों में नगर निगम के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं थे। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब मिट्टी की दीवार नाले से सटी हुई थी, तो उसे पहले सुरक्षित क्यों नहीं किया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।