मथुरा में कारोबारी के घर डकैती डालने वाले दो इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में ढेर

मथुरा में 23 अप्रैल को किराना कारोबारी अजय अग्रवाल के घर परिवार को बंधक बनाकर 20 लाख की डकैती डालने वाले बाबरिया गिरोह के दो इनामी बदमाश पुलिस एनकाउंटर में मारे गए। यमुना एक्सप्रेस-वे के पास हुई मुठभेड़ में दोनों बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने उन्हें ढेर कर दिया। दोनों पर कई राज्यों में डकैती और लूट के दर्जनों मुकदमे दर्ज थे। इस कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस की जमकर सराहना की।

May 7, 2026 - 20:29
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मथुरा में कारोबारी के घर डकैती डालने वाले दो इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में ढेर
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए डकैत राजेन्द्र और धर्मवीर।

यमुना एक्सप्रेस-वे के पास पुलिस से मुठभेड़, बाबरिया गिरोह के दो शातिर अपराधी मारे गए

मथुरा। मथुरा में किराना कारोबारी के घर परिवार को बंधक बनाकर करोड़ों की दहशत फैलाने वाले बाबरिया गिरोह के दो खूंखार डकैत गुरुवार को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराए गए। दोनों बदमाशों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मारे गए बदमाशों की पहचान धर्मवीर उर्फ लंबू (35) और राजेंद्र उर्फ पप्पू (55) के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के रहने वाले थे और लंबे समय से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

एसएसपी श्लोक कुमार के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि डकैती में शामिल बदमाश यमुना एक्सप्रेस-वे के आसपास मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस और स्वाट टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे दोनों बदमाश पल्सर बाइक पर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों बाइक मोड़कर भागने लगे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मी भी घायल

मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों का उपचार चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने उनकी बहादुरी की सराहना की है।

23 अप्रैल की रात बना था खौफ का मंजर

23 अप्रैल की रात करीब 12:30 बजे पांच नकाबपोश बदमाश मथुरा के टैंटीगांव स्थित किराना कारोबारी अजय अग्रवाल के घर पहुंचे थे। बदमाश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए और पूरे परिवार को गन प्वाइंट पर बंधक बना लिया था। डकैतों ने कारोबारी अजय अग्रवाल, उनके पिता प्रेम प्रकाश अग्रवाल, पत्नी अनीता अग्रवाल और 6 वर्षीय बेटी उमा को रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद लॉकर की चाबी लेकर घर में जमकर लूटपाट की। करीब ढाई घंटे तक बदमाश घर खंगालते रहे और तीन लाख रुपये से अधिक नकदी, सोने-चांदी के जेवरात समेत करीब 20 लाख रुपये का माल समेट ले गए।

सीसीटीवी के डीवीआर तक उखाड़ ले गए थे बदमाश

वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश अपने पीछे कोई सबूत न छोड़ें, इसके लिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी उखाड़कर ले गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।

17 टीमें लगीं तब जाकर मिले डकैत

डकैती के खुलासे के लिए एसएसपी श्लोक कुमार ने पुलिस की 17 टीमें गठित की थीं। पुलिस ने आसपास के 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। वहीं 500 से ज्यादा संदिग्धों और अन्य लोगों से पूछताछ की गई। नोएडा, खैर, दिल्ली, पलवल, रेवाड़ी समेत 10 जिलों में दबिश देने के बाद पुलिस को बदमाशों की लोकेशन मिली और आखिरकार दोनों डकैत पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिए गए।

नाम बदल-बदलकर करते थे वारदात

एसएसपी के अनुसार, दोनों बदमाश बेहद शातिर थे और पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करते थे। कई बार जेल जा चुके थे। वारदात से पहले वे कई दिनों तक इलाके में रहकर घरों की रेकी करते थे, फिर सही मौका देखकर डकैती डालते थे।

डकैतों का लंबा आपराधिक इतिहास

मुठभेड़ में मारा गया धर्मवीर उर्फ लंबू बोकाली गांव, थाना गहनौली मोड़, भरतपुर (राजस्थान) का रहने वाला था। उस पर डकैती, हत्या का प्रयास, चोरी, छिनैती, लूट के 16 मुकदमे दर्ज थे। इसी तरह राजेंद्र उर्फ पप्पू बहरोड़, अम्बेडकर नगर, अलवर (राजस्थान) का रहने वाला था। उस पर डकैती, लूट और संगठित अपराध के 11 मुकदमे  दर्ज थे। 

कारोबारी बोला – “मजा आ गया, पुलिस ने बढ़िया काम किया”

डकैती के शिकार कारोबारी अजय अग्रवाल ने बताया कि जैसे ही उन्हें दोनों बदमाशों के मारे जाने की सूचना मिली, पूरा परिवार खुश हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शानदार काम किया है और उन्हें अब राहत महसूस हो रही है।

छोटी किराने की दुकान से चलता है परिवार

गांव वालों के मुताबिक, अजय अग्रवाल का करीब 2 हजार स्क्वायर फीट का मकान है। उसी में छोटी सी किराने की दुकान संचालित होती है, जिससे पूरे परिवार का खर्च चलता है। टैंटीगांव की आबादी करीब 15 हजार बताई जाती है।