अब हावड़ा में बमबाजी और पथराव, भाजपा के दो कार्यकर्ता घायल, आरएएफ ने संभाला मोर्चा
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में हिंसा का दौर शुरू हो गया है। बंगाल के विभिन्न हिस्सों से टकराव की खबरें सामने आ रही हैं।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी तनाव के बीच हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। एक दिन पहले जहां शुभेंदु अधिकारी की हत्या की खबर सामने आई, वहीं गुरुवार को हावड़ा में बमबाजी की घटना ने हालात और गंभीर बना दिए। रिपोर्ट्स के अनुसार, टीएमसी समर्थकों द्वारा कथित तौर पर क्रूड बम से हमला किया गया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकर्ता घायल हो गए। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
उधर पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। चंद्रनाथ रथ का पोस्टमार्टम हो गया है और इस दौरान सुवेंदु अधिकारी पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद रहे। वहीं भाजपा नेताओं ने इस घटना को पूर्व नियोजित राजनीतिक हत्या करार देते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह ठंडे दिमाग से की गई सुनियोजित हत्या है। उन्होंने दावा किया कि वारदात से पहले दो से तीन दिनों तक रेकी की गई और उसके बाद पूरी योजना के तहत हमला किया गया। अधिकारी ने कहा कि पुलिस जांच शुरू कर चुकी है और कुछ अहम सुराग भी मिले हैं। उन्होंने कहा, ‘हम इस घटना से बेहद दुखी हैं और इसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। दिल्ली से पार्टी का पूरा शीर्ष नेतृत्व लगातार जानकारी ले रहा है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मृतक के परिवार और पुलिस अधिकारियों से बात की है। विभिन्न क्षेत्रों से भाजपा विधायक और नेता यहां पहुंचे हैं। पुलिस को कुछ सबूत मिले हैं और जांच जारी है।’
जानकारी के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ को मध्यमग्राम के पास गोली मारी गई थी, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई। पश्चिम बंगाल पुलिस ने जांच के सिलसिले में एक वाहन को जब्त किया है। घटनास्थल से जिंदा कारतूस और खाली खोखे भी बरामद किए गए हैं। फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर वाहन और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। वहीं, सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति को ’15 साल के महा-जंगलराज’ का परिणाम बताते हुए कहा कि भाजपा अब ‘गुंडों की सफाई’ का काम शुरू करेगी। हालांकि, उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील भी की। उन्होंने कहा, ‘हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और हमारे सांसदों-विधायकों की मदद करने वालों से कहना चाहते हैं कि वे कानून अपने हाथ में न लें। किसी को भी असुरक्षित महसूस नहीं होने दिया जाएगा और सभी को न्याय मिलेगा।’ उन्होंने बताया कि मृतक का शव फिलहाल अस्पताल में है और पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपा जाएगा। भाजपा ने परिवार की पूरी जिम्मेदारी उठाने का आश्वासन भी दिया है। घटना में घायल लोगों के इलाज की व्यवस्था भी की गई है।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी इस घटना को “बेहद दुखद” बताते हुए कहा कि पुलिस जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता घटनास्थल का दौरा कर चुके हैं और जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। भाजपा नेता स्वपन दासगुप्ताने भी इस घटना को पूर्व नियोजित राजनीतिक हत्या बताया। उन्होंने कहा कि चंद्रा लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी की राजनीतिक टीम का अहम हिस्सा थे और कई चुनाव अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे थे। दासगुप्ता ने आरोप लगाया कि चुनावी हार स्वीकार नहीं कर पाने वाली पराजित पार्टी के इशारे पर यह हमला किया गया। उन्होंने कहा, ‘यह कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि पूरी योजना के तहत की गई राजनीतिक हत्या थी। हमलावरों को चंद्रा की गतिविधियों और उनके मार्ग की पूरी जानकारी थी। यह राजनीतिक बदले की भावना से किया गया हमला है।’ हालांकि, उन्होंने भी कार्यकर्ताओं से बदले की कार्रवाई से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की।