सीईसी के पैतृक आवास पर प्रदर्शन मामले में 15 और कांग्रेसी चिह्नित, एफआईआर में बढ़ेंगे नाम
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित पैतृक आवास पर कांग्रेस के प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 15 और प्रदर्शनकारियों की पहचान की है। पुलिस जल्द ही इनके नाम एफआईआर में बढ़ाने की तैयारी में है। इससे पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने जेल में बंद कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कांग्रेस ने कहा है कि यदि 3 अक्टूबर को आरोपियों को जमानत नहीं मिली तो 5 अक्टूबर को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
3 अक्टूबर को छह आरोपियों की जमानत पर सुनवाई, रिहाई नहीं हुई तो कांग्रेस 5 को करेगी प्रदर्शन, वरिष्ठ नेताओं ने जेल पहुंचकर कार्यकर्ताओं से की मुलाकात
आगरा। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विजय नगर कॉलोनी स्थित पैतृक आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर आवास के गेट और दीवार पर आपत्तिजनक शब्द लिखने, पुलिस से झड़प और हंगामा करने के मामले में छह आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद अब पुलिस ने 15 और प्रदर्शनकारियों की पहचान करने का दावा किया है। पुलिस अब इन सभी के नाम मुकदमे में बढ़ाने की तैयारी में है। इससे मामले में आरोपियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
मामला थाना हरीपर्वत क्षेत्र की विजय नगर कॉलोनी का है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई और आवास के गेट व दीवार पर आपत्तिजनक नारे लिखे गए। घटना के बाद थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज किया गया था। एफआईआर में शुरुआत में आठ नामजद आरोपियों के साथ 15-20 अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया था।
छह आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
पुलिस ने मामले में कांग्रेस नेताओं अनिल यादव और मुकेश धनगर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में अनिल यादव, मुकेश धनगर, मनोज गौड़, राजेश कुमार, राजा गौतम और पंकज चौधरी के नाम सामने आए हैं। अदालत में पेशी के बाद सभी को 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए मौके के साक्ष्य, वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध सामग्री की जांच की जा रही है। इसी क्रम में 15 और प्रदर्शनकारियों को चिह्नित किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
जेल में बंद कार्यकर्ताओं से मिले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता
इधर, छह कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद कांग्रेस ने भी मामले को लेकर अपना रुख तेज कर दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और ब्रज जोन प्रभारी कुणाल चौधरी तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू गुरुवार को आगरा पहुंचे। दोनों नेताओं ने जिला जेल में निरुद्ध कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार और शहर अध्यक्ष अमित सिंह भी मौजूद रहे। नेताओं ने जेल में बंद कार्यकर्ताओं से पूरे मामले की जानकारी ली और पार्टी की ओर से उनके साथ खड़े रहने की बात कही। पहले कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आगरा आने का कार्यक्रम जारी किया गया था, लेकिन बाद में उनका दौरा रद्द हो गया। इसके बाद कुणाल चौधरी और अजय कुमार लल्लू को आगरा भेजा गया।
तीन अक्टूबर को जमानत पर निगाह, नहीं रिहाई तो पांच को धरना
कांग्रेस के शहर उपाध्यक्ष राजीव गुप्ता के मुताबिक, पार्टी कार्यालय पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक में आगे की रणनीति तय की गई है। उन्होंने बताया कि छह जेल भेजे गए कार्यकर्ताओं की 3 अक्टूबर को अदालत में सुनवाई होनी है। कांग्रेस ने कहा है कि यदि इस तारीख को कार्यकर्ताओं को जमानत पर रिहाई नहीं मिलती है तो पार्टी 5 अक्टूबर को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेगी। इससे पहले बुधवार को कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर मुकदमे में लगाई गई तीन गंभीर धाराओं को हटाने की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं ने इन धाराओं को लेकर आपत्ति जताई है।
प्रदर्शन को लेकर पुलिस और कांग्रेस के दावे अलग
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान आवास के बाहर हंगामा हुआ और पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की एवं झड़प की स्थिति बनी। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास, बलवा समेत कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई की है। दूसरी ओर कांग्रेस इन गंभीर धाराओं को लेकर सवाल उठा रही है और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के समर्थन में आंदोलन की तैयारी कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अब प्रदर्शन में शामिल बताए जा रहे 15 नए चिह्नित आरोपियों के संबंध में साक्ष्य जुटाने में लगी है। पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ने के साथ इस मामले में राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर हलचल और बढ़ने के आसार हैं।