30 साल की मांग पूरी: विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षकों को मिली कैशलेस इलाज की सुविधा, आगरा कॉलेज से सरकार और उच्च शिक्षा मंत्री का जताया गया आभार

आगरा। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की तीन दशक पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई। अब उन्हें भी राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। इस निर्णय को लेकर शुक्रवार को आगरा कॉलेज में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने इसे शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक और राहत देने वाला फैसला बताया तथा मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया।

Mar 13, 2026 - 20:24
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30 साल की मांग पूरी: विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षकों को मिली कैशलेस इलाज की सुविधा, आगरा कॉलेज से सरकार और उच्च शिक्षा मंत्री का जताया गया आभार
आगरा कॊलेज में शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान। मंच पर मौजूद हैं प्राचार्य प्रो. सीके गौतम और स्टाफ क्लब के पदाधिकारी।

आगरा कॉलेज में आयोजित प्रेस वार्ता को डॊ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी पिछले लगभग 30 वर्षों से कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारियों की भांति शिक्षकों को भी यह सुविधा मिले, इसके लिए संगठन लगातार प्रयास करता रहा।

उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से संगठन द्वारा प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय से लगातार इस विषय में मांग की जा रही थी। मंत्री ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और कैबिनेट से इसे पारित कराते हुए शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की घोषणा कराई।

प्रो. चौहान ने कहा कि प्रदेश संगठन मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करता है। साथ ही उन्होंने यह भी सराहना की कि इस योजना में स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया, जो अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में कार्यरत कई शिक्षक और कर्मचारी न्यूनतम वेतन पर कार्य करते हैं और गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। इस योजना से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी और पूरे प्रदेश में शिक्षकों के बीच आशा की नई किरण जगी है।

आगरा कॉलेज, आगरा के प्राचार्य प्रो. सीके गौतम ने बताया कि 5 सितम्बर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर यह जानकारी सामने आई थी कि प्रारंभिक निर्णय में उच्च शिक्षा के शिक्षकों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद आगरा कॉलेज के प्राचार्य ने स्टाफ क्लब पदाधिकारियों और शिक्षकों के साथ इस विषय पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय से मुलाकात कर सकारात्मक आश्वासन प्राप्त किया था।

उन्होंने कहा कि उसके बाद प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा में इस योजना के लिए बजट आवंटित करते हुए उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को भी इसमें शामिल कर लिया गया, जिससे अब प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा का लाभ मिल सकेगा।

प्राचार्य प्रो० सीके गौतम ने इस निर्णय के लिए प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश के हजारों शिक्षकों के लिए अत्यंत राहतकारी और स्वागत योग्य है।

आगरा कॉलेज के स्टाफ क्लब सचिव प्रो. विजय कुमार सिंह ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा के लिए बजट आवंटित होने पर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री, प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा मंत्री का संगठन आभार प्रकट करता है।

वहीं शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के महासचिव गौरव शर्मा ने भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के निर्णय की सराहना करते हुए इसे शिक्षकों और कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

प्रेस वार्ता के दौरान इस योजना से शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ, इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया तथा उच्च शिक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर प्रो. पीवी झा, प्रो. एसके पाण्डेय, प्रो भूपेन्द्र चिकार, प्रो. एके सिंह, प्रो. पूनम चौंद, प्रोफेसर संध्या यादव, प्रोफेसर विक्रम सिंह, प्रो. गौरव कौशिक, डॉ. आनन्द प्रताप सिंह, डॉ. यादवेंद्र शर्मा, डॉ. अविनाश जैन, डॉ. विकास सिंह, डॉ. रंजीत सिंह, प्रोफेसर रिजु निगम, डॉ. संध्या मान, प्रोफेसर एम०एस० खिरवार, डॉ. राजेश वर्मा और डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor