देश में पहली बार बाघिन पर एडवांस आर्थोपेडिक्स सर्जरी: आईवीआरआई की छह घंटे की मैराथन ऑपरेशन से डबल प्लेटिंग तकनीक से जोड़ी गईं टूटी हड्डियां

-रमेश कुमार सिंह- बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) की विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर पशु चिकित्सा विज्ञान में नई उपलब्धि दर्ज की है। दिल्ली चिड़ियाघर की डेढ़ वर्षीय श्वेत बाघिन के दोनों पिछले पैरों में हुए गंभीर फ्रैक्चर को ठीक करने के लिए आईवीआरआई के वैज्ञानिकों ने करीब छह घंटे तक मैराथन सर्जरी कर उसकी हड्डियों को जोड़ दिया। खास बात यह रही कि दाहिनी टिबिया में डबल प्लेटिंग तकनीक का प्रयोग किया गया, जो बाघिन पर देश में पहली बार इस्तेमाल की गई उन्नत आर्थोपेडिक्स तकनीक मानी जा रही है।

Mar 8, 2026 - 12:25
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देश में पहली बार बाघिन पर एडवांस आर्थोपेडिक्स सर्जरी: आईवीआरआई की छह घंटे की मैराथन ऑपरेशन से डबल प्लेटिंग तकनीक से जोड़ी गईं टूटी हड्डियां
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) की विशेषज्ञ टीम, जिसने सफेद बाघिन की हड्डियां जोड़ने के लिए देश में पहली बार डबल प्लेटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया।

दिल्ली चिड़ियाघर में लगी थी गंभीर चोट

आईवीआरआई के निदेशक एवं कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि दिल्ली चिड़ियाघर में 2 मार्च को श्वेत बाघिन के दोनों पिछले पैरों (हिंद लिंब्स) में फ्रैक्चर हो गया था। प्रारंभिक उपचार के रूप में 3 मार्च को चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों ने फाइबर ग्लास बैंडेजिंग के माध्यम से पैर को स्थिर किया।

हालांकि चोट की गंभीरता को देखते हुए 4 और 5 मार्च को आईवीआरआई प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद विशेषज्ञ सर्जिकल टीम को उपचार के लिए तैयार किया गया।

छह घंटे चली मैराथन सर्जरी

7 मार्च को आईवीआरआई के सर्जरी विभाग की टीम ने बाघिन के दोनों पैरों की टूटी हड्डियों को जोड़ने के लिए करीब छह घंटे तक सर्जरी की। इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व सर्जरी विभाग के वैज्ञानिक डॉ. रोहित कुमार ने किया।

डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि बाघिन की हड्डियां अच्छी तरह विकसित थीं, इसलिए उपचार के लिए एडवांस आर्थोपेडिक्स तकनीक का उपयोग किया गया। आम तौर पर पशुओं में फ्रैक्चर होने पर सिंगल प्लेट लगाई जाती है, लेकिन इस मामले में दाहिनी टिबिया को डबल प्लेटिंग तकनीक से जोड़ा गया।

उन्होंने बताया कि बाघ की हड्डियां बेहद मजबूत होती हैं, इसलिए दो प्लेट लगाने से हड्डी को अतिरिक्त मजबूती मिलती है और उसके जल्दी जुड़ने की संभावना बढ़ जाती है।

बाएं पैर में रॉड-प्लेट कंस्ट्रक्ट

सर्जरी के दौरान बाघिन की बाईं टिबिया की मरम्मत रॉड-प्लेट कंस्ट्रक्ट तकनीक से की गई। इस प्रक्रिया में प्लेट के साथ पैर में एक मजबूत रॉड डाली जाती है, जिससे टूटी हुई हड्डी को अतिरिक्त सहारा और स्थिरता मिलती है।

पोस्ट-ऑपरेटिव निगरानी में बाघिन

सफल ऑपरेशन के बाद बाघिन को फिलहाल पोस्ट-ऑपरेटिव निगरानी में रखा गया है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस महत्वपूर्ण सर्जरी में डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. अमन, डॉ. साईं और डॉ. प्रेम भी टीम का हिस्सा रहे। आईवीआरआई की इस उपलब्धि को पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor