मोदी जी के बाद आप बस योगी को सत्ता दे दो...प्रांतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने शब्दों से जगाई चेतना
आगरा में आयोजित कवि सम्मेलन में कविता सिर्फ मनोरंजन नहीं रही, बल्कि राष्ट्रवाद, संस्कृति और जागरण का प्रखर स्वर बनकर उभरी। राष्ट्रीय कवि संगम ब्रज प्रांत और सारंग फाउंडेशन के मंच से कवियों ने शब्दों के माध्यम से ऐसा वातावरण रचा, जिसने पूरे सभागार को देशभक्ति और विचारों की ऊर्जा से भर दिया।
आगरा। राष्ट्रीय कवि संगम ब्रज प्रांत एवं सारंग फाउंडेशन द्वारा रविवार को बोदला-सिकंदरा रोड स्थित द नंबरदार्स बैंक्विट हॉल में प्रांतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। आगरा सहित पूरे ब्रज प्रांत से आए वीर, हास्य, श्रृंगार और विभिन्न रसों के सिद्धहस्त कवियों ने अपनी रचनाओं से काव्य रसधार बहाई। कार्यक्रम का केंद्रीय भाव ‘राष्ट्र जागरण धर्म हमारा’ रहा, जिसने श्रोताओं के भीतर देशभक्ति और सामाजिक चेतना का संचार किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दीनदयाल धाम के निदेशक सोनपाल, राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल, विशिष्ट अतिथि श्रीमनःकामेश्वर मंदिर के तिलकायत महंत योगेश पुरी, पूर्व भाजपा महानगर अध्यक्ष शिव शंकर शर्मा, सरस्वती विद्या मंदिर दीनदयाल धाम के प्रबंधक नरेंद्र पाठक, अपर जिलाधिकारी प्रशासन आजाद भगत सिंह, राष्ट्रीय कवि संगम ब्रज प्रांत के कार्यकारी अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कवि सचिन सारंग, प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी, ब्रज प्रांत अध्यक्ष गया प्रसाद मौर्य ‘रजत’, ब्रज प्रांत प्रभारी अनिल बोहरे और प्रेम सिंह यादव द्वारा मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
आयोजक एवं राष्ट्रीय कवि सचिन सारंग ने कहा कि मातृभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक संस्कारों और राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करने के लिए सारंग फाउंडेशन लगातार शब्द-प्रहार करता रहेगा और नए-पुराने साहित्यकारों को मंच प्रदान करता रहेगा।
काव्य पाठ के दौरान सचिन सारंग की पंक्तियों- “मोदी जी के बाद आप बस योगी को सत्ता दे दो… यही वक्त है, यही मौका है…” पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और देशभक्ति का माहौल चरम पर पहुंच गया।
इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल का अभिनंदन भी किया गया।
कवि सम्मेलन में अशोक चौबे, आचार्य उमाशंकर पाराशर, रामेंद्र शर्मा ‘रवि’, प्रभु दत्त उपाध्याय, गाफिल स्वामी, पवन आगरी, योगी सूर्यनाथ, डॉ. मुक्ता सिकरवार, दीपांशु शम्स, कु. उन्नति भारद्वाज, प्रिया शुक्ला, मनोज मधुवन, सागर गुजराती, राजीव क्वात्रा, अतुल दुबे, मुकुल कुमार, आकाश परमार, राम गोस्वामी, राम पटसारिया, राकेश निर्मल, मोहित सक्सेना, राहुल शर्मा ‘राज’, हरेंद्र हर्ष, वीना अब्राहम, मोहिनी भटनागर सहित अनेक कवियों ने अपने गीत, गजल, दोहे और मुक्तकों से समां बांध दिया।
कार्यक्रम का संचालन कवि पदम गौतम ने किया। इस अवसर पर नंद नंदन गर्ग, हिमानी चतुर्वेदी, रविकांत चावला, अदिति कात्यायन, हीरेंद्र नरवार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।