आगराः पिनाहट के गांव कुकथरी में दमघोंटू गुबार से मच गया था हाहाकार, पूरी रात दहशत में बीती, कोल्ड स्टोरेज से हुए अमोनिया गैस के रिसाव की चपेट में आए 35 लोगों को अस्पताल ले जाना पड़ा, 27 अभी भी भर्ती, डीएम-एडिशनल सीपी गांव में कैंप किये रहे, समाधिया कोल्ड स्टोरेज पर जांच की तलवार

-नीरज परिहार, पिनाहट- आगरा। जनपद के पिनाहट क्षेत्र में गुरुवार रात एक कोल्ड स्टोरेज से हुए अमोनिया गैस रिसाव ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया था। कुकथरी गांव के पास स्थित समाधिया कोल्ड स्टोरेज से निकली जहरीली गैस ने कुछ ही मिनटों में पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया था। तीखी बदबू और दमघोंटू माहौल के बीच ग्रामीणों को आंखों में जलन और सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। हालात इतने भयावह हो गए कि लोग अपने घर छोड़कर बच्चों और महिलाओं को लेकर खेतों की ओर भागने लगे। करीब 35 ग्रामीणों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से कई लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वर्तमान में 27 अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। आज सुबह भी गांव में रात की घटना का कौफ साफ नजर आ रहा था।

Mar 13, 2026 - 10:01
Mar 13, 2026 - 12:55
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आगराः पिनाहट के गांव कुकथरी में दमघोंटू गुबार से मच गया था हाहाकार, पूरी रात दहशत में बीती, कोल्ड स्टोरेज से हुए अमोनिया गैस के रिसाव की चपेट में आए 35 लोगों को अस्पताल ले जाना पड़ा, 27 अभी भी भर्ती, डीएम-एडिशनल सीपी गांव में कैंप किये रहे, समाधिया कोल्ड स्टोरेज पर जांच की तलवार
अमोनिया गैस की चपेट में आने से अस्पताल लाये गये पीड़ित।

रात 8:30 बजे फैला जहरीला गुबार, गांव में मचा कोहराम

कुकथरी गांव में चार कोल्ड स्टोरेज हैं। चारों कोल्ड स्टोरेज और गांव के बीच केवल सड़क का अंतर है। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर शाम करीब 8:30 बजे कुकथरी गांव के पास बने समाधिया कोल्ड स्टोरेज से अचानक अमोनिया गैस का तेज रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही पलों में तीखी बदबू पूरे इलाके में फैल गई। गांव की गलियों में अचानक अफरा-तफरी मच गई।

लोगों की आंखों में तेज जलन होने लगी, कई ग्रामीणों का दम घुटने लगा। कोई अपने घर से भाग रहा था, कोई अपने छोटे बच्चों को गोद में उठाए खेतों की ओर दौड़ रहा था। अंधेरे में लोग चीखते-चिल्लाते हुए एक-दूसरे को आवाज दे रहे थे- गांव छोड़ो… गैस फैल गई है। देखते ही देखते पूरा इलाका दमघोंटू गैस के गुबार में बदल गया और गांव में हाहाकार मच गया।

पिनाहट के कुकथरी गांव में अमोनिया गैस के रिसाव के बाद राहत और बचाव में जुटे अधिकारियों को भी मास्क पहनने पड़े।  

35 ग्रामीण अस्पताल में लाए गए, कई की हालत बिगड़ी

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन को फोन किया। कुछ ही देर में पुलिस, एंबुलेंस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं।

हालत बिगड़ने पर करीब 35 ग्रामीणों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। जानकारी के अनुसार कई लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद राहत मिल गई, जबकि करीब 27 लोगों को अस्पताल के वार्ड में अभी भी भर्ती रखा गया है। इनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

डीएम और पुलिस अधिकारी रात में ही पहुंचे गांव

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। रात में ही जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एडिशनल सीपी राम बदन सिंह और डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल और बाह के एसडीएम व एसीपी भारी पुलिस बल के साथ कुकथरी गांव पहुंच गए। अधिकारियों ने पूरे इलाके का जायजा लिया और राहत कार्यों की निगरानी की।

दमकल विभाग की टीमों ने गैस रिसाव को नियंत्रित करने का काम शुरू किया और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया गया।

इतनी तेज बदबू थी कि सांस लेना मुश्किल हो गया-पत्यक्षदर्शी

एक दूसरे कोल्ड स्टोरेज में काम करने वाले मजदूर मोहम्मद सलीम ने बताया कि अचानक तेज बदबू फैलने लगी और कुछ ही सेकंड में आंखों में जलन होने लगी। गैस इतनी तेज थी कि वहां खड़ा रहना मुश्किल हो गया। आंखों से पानी निकलने लगा और सांस लेना भी कठिन हो गया। हम लोग तुरंत बाहर भागे और गांव वालों को भी दूर जाने को कहा।

पूरा गांव खाली कर खेतों में जा डटे ग्रामीण

गैस के खौफ ने पूरे कुकथरी गांव को लगभग खाली करा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बदबू इतनी तेज थी कि जो जहां था, वहीं से जान बचाकर भागने लगा। लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं को लेकर गांव से बाहर खेतों की ओर निकल गए। कई परिवार रात के अंधेरे में खुले आसमान के नीचे सुरक्षित जगहों पर बैठकर हालात सामान्य होने का इंतजार करते रहे। कुछ समय के लिए कुकथरी गांव पूरी तरह वीरान नजर आया।

कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों ने समाधिया कोल्ड स्टोरेज संचालक और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गैस रिसाव की जानकारी होने के बावजूद आसपास के मजदूरों और गांव के लोगों को समय रहते कोई चेतावनी नहीं दी गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर तुरंत सूचना दे दी जाती तो इतनी बड़ी दहशत और लोगों की तबीयत बिगड़ने की नौबत नहीं आती।

जांच के आदेश, प्रशासन की कड़ी निगरानी

प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति प्रवेश न करने दिया जाए। अधिकारियों का कहना है कि गैस रिसाव के कारणों की जांच कर कोल्ड स्टोरेज संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अमोनिया गैस रिसाव की चपेट में आने वालों में बड़ी संख्या में बरेली और पीलीभीत के मजदूर शामिल हैं, जो पास ही में स्थित दूसरे कोल्ड स्टोरेज में काम करते हैं। ये मजदूर घटना के बाद बेहद दहशत में हैं। घुटन और आंखों में जलन के बाद कई मजदूरों की हालत बिगड़ गई, जिससे उनमें भय का माहौल बन गया। मजदूरों का कहना है कि वे अब जल्द से जल्द अपने घर लौटना चाहते हैं। जानकारी के अनुसार ये मजदूर बद्री विशाल कोल्ड स्टोरेज में में कार्यरत थे, जिनमें से कई को गैस की वजह से अचानक घुटन महसूस होने लगी।

मौके पर पहुंचे डीएम और एडिशनल सीपी अस्पताल में भी पहुंचे और डॉक्टरों से बातचीत कर भर्ती लोगों के उपचार की जानकारी ली और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चिकित्सकों द्वारा प्रभावित लोगों के शरीर को गीले कपड़ों से पोंछकर प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे गैस के असर को कम किया जा सके।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और एडिशनल सीपी राम बदन सिंह देर रात तक गांव में ही डटे रहे और राहत व बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे।

बताया जा रहा है कि कुकथरी गांव ब्राह्मण बहुल गांव है, जहां दलित समाज के लोग भी बड़ी संख्या में रहते हैं। गांव में एक हजार से अधिक घर हैं और आबादी लगभग तीन से चार हजार के बीच बताई जा रही है। गांव के आसपास चार कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं और इनके तथा गांव के बीच केवल एक सड़क का फासला है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार समाधिया कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। गैस निकलते ही वहां काम कर रहे मजदूर तो अपनी जान बचाकर भाग निकले, लेकिन आरोप है कि कोल्ड स्टोरेज मालिकान ने आसपास के मजदूरों और ग्रामीणों को समय रहते सूचना नहीं दी, जिसकी वजह से स्थिति अचानक गंभीर हो गई और बड़ी संख्या में लोग गैस की चपेट में आ गए।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिए। पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं, जिनसे प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं फायर सर्विस के अधिकारी और दमकल कर्मी भी घटनास्थल पर पहुंचकर गैस रिसाव को नियंत्रित करने और हालात को सामान्य करने में जुट गए।

SP_Singh AURGURU Editor