आगरा कॉलेज में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय का अभिनंदन, कैशलेस चिकित्सा योजना पर शिक्षकों ने जताया आभार
आगरा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की नीतियों और शिक्षकों के हितों को लेकर बुधवार को आगरा कॉलेज का गंगाधर शास्त्री मैदान ऐतिहासिक साक्षी बना, जब स्टाफ क्लब द्वारा प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय के सम्मान में भव्य, गरिमामय और प्रभावशाली अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जहां शिक्षकों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए सरकार का आभार जताया, वहीं उच्च शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों को मजबूती से मंत्री के समक्ष रखा गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने की, जबकि संचालन प्रो. शेफाली चतुर्वेदी ने प्रभावशाली ढंग से किया। मंत्री के आगमन पर एनसीसी सीनियर डिवीजन बॉयज़ एवं गर्ल्स तथा आर्मी विंग द्वारा भव्य सलामी दी गई, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति और अनुशासन से ओतप्रोत हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और “अज्ञानता से तार दे” सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ औपचारिक शुरुआत हुई। सभी अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षाविदों ने अपने विचार रखते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना को ऐतिहासिक कदम बताया। आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह योजना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है और इससे शिक्षकों को आर्थिक व मानसिक सुरक्षा मिलेगी। बी.डी. जैन महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. वंदना अग्रवाल ने महिला शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए और अधिक संवेदनशीलता की आवश्यकता बताई।
सेंट जॉन्स कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एस.पी. सिंह ने कहा कि स्वस्थ शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकता है, जबकि बीवीआरए बिचपुरी की प्राचार्य प्रो. सीमा भदौरिया ने इसे वर्षों पुरानी मांग की पूर्ति बताते हुए इसे जीवन रक्षक कवच करार दिया। बैकुंठी देवी महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. पूनम सिंह ने महिला शिक्षकों के लिए मेडिकल लीव की आवश्यकता को प्रमुख मुद्दा बताया।
शिक्षक संगठनों की ओर से स्टाफ क्लब के सचिव प्रो. वी.के. सिंह ने शिक्षकों की प्रमुख मांगें रखते हुए मेडिकल लीव की बहाली और सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग की। उन्होंने इसे शिक्षकों की गरिमा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय बताया। इस संबंध में मंत्री को विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया।
एफयूपीयूसीटीए के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि यह योजना शिक्षकों की 30 वर्षों पुरानी मांग की पूर्ति है और इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने भविष्य में इस योजना के विस्तार की उम्मीद जताई।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार “अंत्योदय” की भावना के साथ कार्य कर रही है और पिछले 9 वर्षों में कोई नया कर नहीं लगाया गया है। उन्होंने उच्च शिक्षा में नई विश्वविद्यालयों की स्थापना, “वन डिस्ट्रिक्ट, वन यूनिवर्सिटी” और “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” जैसे विजन पर कार्य की जानकारी दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा और चिकित्सा मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं हैं और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी शिक्षक आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि यह कैशलेस चिकित्सा सुविधा शिक्षकों के साथ कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी दी गई है। साथ ही आगरा कॉलेज में अग्रसेन पीठ की स्थापना का आश्वासन भी दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने योजना को सरकार की वैज्ञानिक सोच और संवेदनशीलता का प्रतीक बताया। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की अनुमति और महाविद्यालय को अतिरिक्त अनुदान की मांग भी रखी।
कार्यक्रम में प्रो. मृणाल शर्मा, प्रो. पूनम चाँद, प्रो. भूपेंद्र चिकारा, प्रो. गौरव कौशिक (मीडिया प्रभारी), प्रो. डी.सी. मिश्रा, प्रो. एम.एम. खान, प्रो. ए.के. सिंह, प्रो. सुनीता रानी, प्रो. ममता सिंह, प्रो. अनुराधा नेगी, प्रो. उमेश कुमार, प्रो. संजीव शर्मा, डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. रणजीत सिंह, डॉ. विकास सिंह, डॉ. विक्रम सिंह, प्रो. उमाकांत चौबे, डॉ. फिरोज अंसारी, डॉ. शिवकुमार सिंह सहित अनेक प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गौरव शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने भी मंत्री का सम्मान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन और व्यवस्थाएं अत्यंत भव्य रहीं। अंत में प्रो. शशिकांत पांडे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
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