आगरा जनसुनवाई में खुली घरेलू हिंसा की परतें: राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॊ. बबीता चौहान का बड़ा ऐलान- आयोग मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से एप तैयार करेगा ताकि वे घर बैठे अपनी समस्याएं उठा सकें 

आगरा। सर्किट हाउस में मंगलवार को आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा के मामलों के मामलों ने व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर दी। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने साफ कहा कि जनसुनवाई में आने वाले अधिकांश मामले घरेलू हिंसा से जुड़े हैं। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम महिलाओं की समस्याओं को देखते हुए एक विशेष ऐप लॉन्च करने की घोषणा भी की है, जिससे घर से बाहर न निकल पाने की स्थिति में वे घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

Mar 17, 2026 - 21:30
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आगरा जनसुनवाई में खुली घरेलू हिंसा की परतें: राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॊ. बबीता चौहान का बड़ा ऐलान- आयोग मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से एप तैयार करेगा ताकि वे घर बैठे अपनी समस्याएं उठा सकें 
आगरा सर्किट हाउस में जनसुनवाई के बाद प्रेस से बात करतीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॊ. बबीता सिंह चौहान।

आगरा में जनसुनवाई, घरेलू हिंसा के केस सबसे ज्यादा
सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. बबीता चौहान ने कहा कि आगरा में महिलाओं के घरेलू हिंसा के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयोग के पास आने वाले हर मामले की सुनवाई की जाती है और निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है।

मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग ऐप का बड़ा फैसला
डॉ. चौहान ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से एप इसलिए तैयार कराया जा रहा है क्योंकि जो मुस्लिम महिलाएं एक बार आयोग के सामने शिकायत दर्ज कराने आईं, वे दोबारा नहीं लौटीं। पारिवारिक प्रतिबंधों के कारण आयोग तक दोबारा पहुंचने में दिक्कत होती है। उन्हें घर से ही नहीं निकलने दिया जाता। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाएं खुद बताती हैं कि एक बार आने के बाद उन्हें फिर बाहर नहीं निकलने दिया जाता। इसी कारण हमने उनके लिए एक विशेष ऐप बनाने का निर्णय लिया है।

घर बैठे शिकायत, सीधे आयोग और पुलिस से संपर्क
प्रस्तावित ऐप के जरिए मुस्लिम महिलाएं सीधे राज्य महिला आयोग और पुलिस से संपर्क कर सकेंगी। यह ऐप उनकी पहचान और समस्याओं को सुरक्षित रखते हुए त्वरित समाधान की दिशा में काम करेगा।
डॉ. चौहान ने स्पष्ट किया कि यह ऐप केवल मुस्लिम महिलाओं के लिए होगा, ताकि वे बिना किसी सामाजिक दबाव के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

कोर्ट केस में सीमाएं, लेकिन आयोग का निस्तारण तय
उन्होंने यह भी कहा कि कई मामले न्यायालय में लंबित होने के कारण पुलिस सीधे हस्तक्षेप नहीं कर पाती, लेकिन आयोग के स्तर पर आने वाले मामलों में हर संभव कार्रवाई और समाधान सुनिश्चित किया जाता है। उन्होने दृढ़ता से कहा कि जो भी केस हमारे सामने आते हैं, उनका निस्तारण होता है।

साफ संदेश: महिलाओं की आवाज अब नहीं दबेगी
आगरा की इस जनसुनवाई में एक बार फिर यह बात सामने आई कि महिलाओं के मुद्दे सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि गंभीर सामाजिक सच्चाई हैं। महिलाओं की सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं और राज्य महिला आयोग अध्यक्ष ने खुद उसकी बात सुनकर वहां मौजूद पुलिस व अन्य अधिकारियों को मौके पर ही समस्या का समाधान कराया।

SP_Singh AURGURU Editor