अजित पवार प्लेन क्रेश मामले में कड़ी कार्रवाई, कंपनी के कुछ विमानों को ग्राउंड किया

दिल्ली की कंपनी वीएसआर वेंचर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डीजीसीए ने नियमों का पालन न करने के कारण कंपनी के कुछ विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया है। इसी कंपनी का विमान 28 जनवरी को बारामती में हादसे का शिकार हो गया था जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई थी।

Feb 24, 2026 - 22:47
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अजित पवार प्लेन क्रेश मामले में कड़ी कार्रवाई, कंपनी के कुछ विमानों को ग्राउंड किया

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार प्लेन क्रैश में डीजीसीए ने बड़ा एक्शन लिया है। मंगलवार रात को डीजीसीए ने एक्स पर पोस्ट डालकर बताया कि 28 जनवरी को बारामती में वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के लीयरजेट 45 एयरक्राफ्ट (वीटी-एसएसके) के क्रैश होने के बाद डीजीसीए ने इस एयरलाइंस का स्पेशल सिक्योरिटी ऑडिट किया था। इसमें कई सारी कमियां मिली। इसके बाद वेंचर्स एयरलाइंस के बेड़े में शामिल पंजीकरण संख्या वीटी-वीआरए, वीटी-वीआरएस, वीटी-वीआरवी और वीटी-टीआरआई वाले लीयरजेट 40/45 विमानों को तत्काल प्रभाव से ग्राउंड करने के आदेश दिए गए हैं।

ये प्लेन उस वक्त तक नहीं उड़ा सकेंगे। जब तक की इनमें तमाम सुधारात्मक कमियां पूरी नहीं कर ली जातीं। डीजीसीए ने बताया कि विशेष सुरक्षा ऑडिट विमान की उड़ान योग्यता, हवाई सुरक्षा और उड़ान संचालन के क्षेत्र में कई नियमों का उल्लंघन पाया गया। देखी गई अनियमितताओं और रखरखाव प्रक्रियाओं में मौजूद कमियों को ध्यान में रखते हुए इस एयरलाइंस के एयरक्राफ्ट को ग्राउंड करने का यह निर्णय लिया गया है।

इस बीच डीजीसीए ने गैर-निर्धारित उड़ानों के संचालकों (एनएसओपी) के लिए कई सुरक्षा उपायों की घोषणा की है जिनमें विमानों के रखर‍खाव का इतिहास सार्वजनिक किया जाना और एक सुरक्षा रैंकिंग तंत्र का विकास शामिल है। डीजीसीए ने हाल-फिलहाल में विमान हादसों की संख्या में वृद्धि के मद्देनजर यह कदम उठाया। डीजीसीए ने गैर-निर्धारित उड़ानों का संचालन करने वाली एक कंपनी की एयर एंबुलेंस के सोमवार को झारखंड में दुर्घटनाग्रस्त होने के एक दिन बाद ऐसे सभी संचालकों के साथ बैठक की। इस हादसे में दोनों पायलट सहित सात लोगों की मौत हो गई थी।

डीजीसीए ने एक बयान में कहा कि बैठक “विमान हादसों की संख्या में हाल ही में हुई वृद्धि को संबोधित करने और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर देने के लिए आयोजित की गई थी।” बयान के मुताबिक, बैठक में डीजीसीए ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि एनएसओपी के जवाबदेह प्रबंधकों और वरिष्ठ नेतृत्व को प्रणालीगत गैर-अनुपालन के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसमें कहा गया है कि विमानन नियामक ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा संबंधी चूक का दोष केवल पायलट पर नहीं मढ़ा जा सकता।

बयान के अनुसार, डीजीसीए ने कहा कि विमानों की उम्र और रखरखाव के इतिहास सहित महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारी को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाने की आवश्यकता के अलावा एनएसओपी की सुरक्षा रैंकिंग भी होगी। इसमें कहा गया है कि एनएसओपी के पायलट को अनुपालन न करने पर कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा और यहां तक कि उनके लाइसेंस को पांच साल तक के लिए निलंबित भी किया जा सकता है। डीजीसीए ने कहा कि एनएसओपी के पुराने विमानों के साथ-साथ स्वामित्व परिवर्तन से गुजर रहे विमानों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। (भाषा से इनपुट के साथ)