इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों का आगरा में जुटान: संगठन को सक्रिय बनाने और नई कार्यकारिणी गठन पर मंथन
आगरा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय पूर्व छात्र परिषद, आगरा इकाई की कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक पश्चिमपुरी, आगरा में संपन्न हुई। बैठक में वरिष्ठ पूर्व छात्रों ने संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की तथा नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
बैठक की अध्यक्षता संस्था के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. शेखरेंद्र मोहन मिश्र (सेवानिवृत्त शिक्षक, आगरा कॊलेज) ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा और उसके शैक्षिक तथा बौद्धिक योगदान को याद करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों का दायित्व है कि वे संगठन को और अधिक मजबूत व सक्रिय बनाएं तथा शिक्षा, समाज और संस्कृति के क्षेत्र में सकारात्मक भूमिका निभाएं।
नई कार्यकारिणी के गठन पर बनी सहमति
बैठक में संगठन की कार्यकारिणी के पुनर्गठन पर सर्वसम्मति से चर्चा हुई। सभी सदस्यों ने निर्णय लिया कि आगरा इकाई की नई कार्यकारिणी के गठन के लिए शीघ्र ही चुनाव की तिथि और स्थान की घोषणा की जाएगी, ताकि संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिल सके।
छात्र जीवन की यादों से जीवंत हुआ माहौल
बैठक के दौरान उपस्थित पूर्व छात्रों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अपने छात्र जीवन से जुड़े कई रोचक संस्मरण साझा किए। इन स्मृतियों ने पूरे वातावरण को आत्मीय और उत्साहपूर्ण बना दिया। साथ ही संगठन को और सक्रिय बनाने, पूर्व छात्रों के बीच संवाद बढ़ाने तथा विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कई सुझाव भी सामने आए।
इन वरिष्ठ पूर्व छात्रों ने रखे विचार
बैठक में संस्था के उपाध्यक्ष डॉ. बीबी एस. चौहान (पूर्व प्राचार्य, राजा बलवंत सिंह कॊलेज) प्रो. संतोष सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. बलराम कांत, डॉ. शशिकांत पांडे, वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानीश कुमार चतुर्वेदी, हरिओम सिंह तथा सी. पी. गुप्ता सहित कई अन्य पूर्व छात्र उपस्थित रहे। सभी ने संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाने के लिए अपने विचार साझा किए।
दिवंगत सदस्यों को दी श्रद्धांजलि
बैठक के अंत में संस्था के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभी उपस्थित सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि संगठन की आगामी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा अधिक से अधिक पूर्व छात्रों को परिषद से जोड़ा जाएगा।