छावनी क्षेत्र के मुद्दों पर रक्षा मंत्री से गुहार, विलय प्रस्ताव पर राज्य सरकार के जवाब का इंतजार
आगरा छावनी की समस्याओं को लेकर केशो मेहरा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। बैठक में छावनियों को स्थानीय निकायों में विलय, सदर बाजार शॉपिंग आर्केड की दुकानों की लीज, जीएलआर म्यूटेशन, जर्जर पानी की टंकियां, सार्वजनिक शौचालय और खराब सड़कों की समस्याएं उठाई गईं। रक्षा मंत्री ने कहा कि छावनियों के विलय का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा चुका है और उसके जवाब का इंतजार है।
आगरा छावनी की समस्याओं पर रक्षा मंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल
आगरा। आगरा छावनी क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को लेकर रविवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री (संगठन) और पूर्व विधायक केशो मेहरा ने किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने छावनी क्षेत्र से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं से रक्षा मंत्री को अवगत कराया और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
केशो मेहरा ने रक्षा मंत्री से देश की सभी छावनियों को स्थानीय निकायों में विलय करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले भी उनसे अनुरोध किया जा चुका है। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से छावनी परिषदों को स्थानीय निकायों में विलय करने का प्रस्ताव पहले ही राज्य सरकारों को भेजा जा चुका है। हालांकि अभी तक राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सहमति मिलते ही छावनी परिषदों को स्थानीय निकायों में विलय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इस दौरान आगरा छावनी के विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश ने सदर बाजार स्थित सेल्फ फाइनेंस स्कीम के अंतर्गत बने शॉपिंग आर्केड की दुकानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्री के निर्देश के कारण इन दुकानों की ई-नीलामी फिलहाल रोक दी गई है। उन्होंने अनुरोध किया कि छावनी परिषद के अधिनियम और नियमावली में संशोधन कर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। सुझाव दिया गया कि हर 30 वर्ष बाद इन दुकानों की लीज का स्वतः नवीनीकरण निर्धारित प्रतिशत की वृद्धि के साथ कर दिया जाए, या फिर इन्हें फ्रीहोल्ड कर दिया जाए।
छावनी परिषद आगरा के मनोनीत सदस्य राजेश गोयल ने जीएलआर सर्वे में वर्षों से म्यूटेशन न होने की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि इसके कारण छावनी क्षेत्र में संपत्ति खरीदने वाले लोगों में भारी असंतोष और बेचैनी है। जबकि नियमों में निर्धारित समय सीमा में म्यूटेशन करने का स्पष्ट प्रावधान है, इसके बावजूद इसका पालन नहीं हो रहा है।
इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने छावनी क्षेत्र की जर्जर पानी की टंकियों, सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति, दरवाजों की कमी और गंदगी के साथ-साथ कई सड़कों की खराब हालत का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायतों के बावजूद इन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
छावनी सदर बाजार एसोसिएशन की ओर से सजल बंसल और अनमोल गोयल ने रक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि देश की सभी छावनियों की समस्याएं लगभग समान हैं। इसलिए आगरा में अखिल भारतीय स्तर पर सभी छावनियों का एक सम्मेलन आयोजित कराया जाए, जिसमें रक्षा मंत्री की उपस्थिति भी हो। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि वह इस प्रस्ताव पर विचार कर जल्द ही निर्णय से अवगत कराएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में केशो मेहरा, विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश, छावनी परिषद के मनोनीत सदस्य राजेश गोयल, सजल बंसल और अनमोल गोयल शामिल रहे।