आगरा में तेहरवीं कार्यक्रम में मधुमक्खियों का हमला, 5 लोग घायल, बच्चों को अस्पताल में कराया गया इलाज

आगरा के बाह थाना क्षेत्र के गांव चौरंगाहार में तेहरवीं कार्यक्रम के दौरान भट्टियों में आग जलाने से उठे धुएं के कारण पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते में हलचल हो गई। इसके बाद मधुमक्खियों का झुंड वहां मौजूद लोगों पर टूट पड़ा, जिससे करीब 5 लोग घायल हो गए। घायलों में बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया गया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने भागकर व कपड़ों से खुद को ढंककर किसी तरह बचाव किया।

Mar 17, 2026 - 20:28
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आगरा में तेहरवीं कार्यक्रम में मधुमक्खियों का हमला, 5 लोग घायल, बच्चों को अस्पताल में कराया गया इलाज
अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती बच्चे।

भट्टियों से उठे धुएं से पेड़ पर लगे छत्ते से भड़की मधुमक्खियां, गांव चौरंगाहार में मचा हड़कंप

आगरा। बाह थाना क्षेत्र के गांव चौरंगाहार में तेहरवीं कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भट्टियों में आग जलाने के दौरान उठे धुएं से पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते में हलचल हो गई और देखते ही देखते मधुमक्खियों का झुंड वहां मौजूद लोगों पर टूट पड़ा। इस अचानक हुए हमले में करीब 5 लोग मधुमक्खियों के काटने से घायल हो गए, जिनमें बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों ने किसी तरह भागकर तथा कपड़ों से खुद को ढंककर अपनी जान बचाई।

जानकारी के अनुसार, गांव चौरंगाहार में एक परिवार में तेहरवीं कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। कार्यक्रम में ग्रामीणों और परिजनों की आवाजाही बनी हुई थी, वहीं भोजन व्यवस्था के लिए भट्टियों में आग जलाई जा रही थी। इसी दौरान भट्टियों से निकला धुआं पास में लगे एक पेड़ तक पहुंचा, जहां मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था।

धुएं और गर्मी के असर से छत्ते में हलचल हुई और कुछ ही पलों में मधुमक्खियां झुंड बनाकर नीचे मौजूद लोगों पर टूट पड़ीं। अचानक हुए इस हमले से मौके पर हड़कंप मच गया और कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसे हालात बन गए।

ग्रामीणों ने कपड़ों और भागकर किया बचाव

मधुमक्खियों के हमले के बाद वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह भागकर, सिर और चेहरे को कपड़ों से ढंककर अपना बचाव किया। कई लोग इधर-उधर दौड़ते नजर आए, जबकि छोटे बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने तुरंत सक्रियता दिखाई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हमला इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ लोग पेड़ और दीवारों की ओट लेकर बचे, जबकि कई लोगों को मधुमक्खियों ने काट लिया।

करीब 5 लोग घायल, बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया

इस हमले में करीब 5 लोग घायल हो गए। घायलों में बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्हें मधुमक्खियों के डंक लगने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। बच्चों की हालत को देखते हुए परिवारों में घबराहट का माहौल रहा, हालांकि समय रहते इलाज मिलने से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को प्राथमिक सहायता दी और फिर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज कराया गया।

गांव में देर तक बना रहा दहशत का माहौल

घटना के बाद गांव चौरंगाहार में काफी देर तक दहशत और तनाव का माहौल बना रहा। तेहरवीं जैसे शोक कार्यक्रम में अचानक हुई इस घटना से परिवार और ग्रामीण दोनों स्तब्ध रह गए। लोगों ने बताया कि अगर समय रहते लोग इधर-उधर नहीं भागते, तो घायल होने वालों की संख्या और अधिक हो सकती थी। कुछ समय बाद जब स्थिति सामान्य हुई, तब ग्रामीणों ने आसपास के लोगों को सतर्क किया और पेड़ के पास जाने से मना किया।

सावधानी न बरतने पर ऐसे हादसे बन सकते हैं गंभीर

ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर तेहरवीं, शादी, भोज या अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान खुले स्थानों पर भोजन बनाने के लिए भट्टियां जलाई जाती हैं। यदि आसपास पेड़ों पर मधुमक्खियों के छत्ते लगे हों, तो धुआं और गर्मी ऐसे हमलों का कारण बन सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि खुले में आग जलाने या धुआं करने से पहले आसपास के वातावरण का निरीक्षण जरूरी है, ताकि इस तरह की अप्रत्याशित घटनाओं से बचा जा सके।