बंगाल के राज्यपाल बोस और लद्दाख के उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने दिया इस्तीफा, बोस के इस्तीफे पर ममता हैरान, गुप्ता नौ महीने ही रहे पद पर
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी बोस के इस्तीफे के बाद लद्दाख से बड़ी खबर आई है। लद्दाख के उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सिर्फ नौ महीने के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया है। कविंदर गुप्ता ने सिर्फ नौ महीने काम करने के बाद गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
कोलकाता, लेह। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले हलचल बढ़ गई है। बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस्तीफा दे दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुष्टि की कि बोस के इस्तीफा देने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि पश्चिम बंगाल।के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। इसके बाद उधर लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर ममता बनर्जी ने लिखा, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बोस के अचानक इस्तीफे की खबर से मैं स्तब्ध और बेहद चिंतित हूं। उनके इस्तीफे की वजह मुझे नहीं पता है। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, मुझे आश्चर्य नहीं होगा यदि आगामी राज्य विधानसभा चुनावों की पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा राज्यपाल पर कुछ राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए दबाव डाला गया हो।
उन्होंने कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री ने मुझे सूचित किया है कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा, उन्होंने (अमित शाह) इस संबंध में स्थापित परंपरा के अनुसार मुझसे परामर्श नहीं किया। ऐसे कदम भारत के संविधान की भावना को कमजोर करते हैं और हमारी संघीय संरचना की नींव पर प्रहार करते हैं। केंद्र को सहकारी संघवाद के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे एकतरफा निर्णय लेने से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राज्यों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।'
डॉ. सीवी आनंद बोस को 17 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उनसे पहले मणिपुर के तत्कालीन राज्यपाल ला गणेशन बतौर अतिरिक्त प्रभार पश्चिम बंगाल के गवर्नर का कामकाज संभाल रहे थे। बोस को पश्चिम बंगाल का गवर्नर तब बनाया गया था, जब तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ भारत के उपराष्ट्रपति चुने गए थे।
उधर लद्दाख के उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सिर्फ नौ महीने के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया है। गुप्ता ने 18 जुलाई, 2025 को शपथ ली थी और वे केंद्र शासित प्रदेश के तीसरे उप राज्यपाल बने थे। उनके कार्यकाल के दौरान इलाके में अशांति बढ़ रही थी। जहां लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस जैसे सिविल सोसाइटी ग्रुप और संगठन राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची की सुरक्षा और स्थानीय लोगों के लिए नौकरी में आरक्षण के लिए विरोध कर रहे थे। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि गुप्ता को बुधवार को एक स्थानीय मठ के दौरे के दौरान लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा।