करोड़ों की जमीन डील में बड़ा खेल, 44 लाख लेने के बाद दूसरी पार्टी को बेच दी जमीन

आगरा में करोड़ों रुपये की कृषि भूमि डील में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने 1.10 करोड़ रुपये में जमीन बेचने का सौदा कर 44.51 लाख रुपये एडवांस ले लिये, लेकिन बैनामा नहीं किया। बाद में वही जमीन दूसरी पार्टी को बेच दी गई। विरोध करने पर धमकी देने और दबाव बनाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। थाना एकता पुलिस ने कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

May 10, 2026 - 14:41
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करोड़ों की जमीन डील में बड़ा खेल, 44 लाख लेने के बाद दूसरी पार्टी को बेच दी जमीन
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आगरा। आगरा में करोड़ों रुपये के कृषि भूमि सौदे में कथित धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फतेहाबाद रोड स्थित पार्श्वनाथ प्रेरणा निवासी एक परिवार ने जमीन विक्रेताओं और उनके सहयोगियों पर लाखों रुपये लेने के बावजूद बैनामा न करने, बाद में वही जमीन दूसरी पार्टी को बेच देने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर थाना एकता पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, श्रीमती मनोरमा गुप्ता के पुत्र अर्पित गुप्ता और पुत्री अंशी गुप्ता ने वर्ष 2025 में ग्राम बुधेरा निवासी नत्थाराम पुत्र रतन सिंह से मौजा ब्रह्मनगर स्थित कृषि भूमि खरीदने का सौदा तय किया था। बताया गया है कि यह डील करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये में तय हुई थी। सौदे को लेकर 6 जून 2025 को दोनों पक्षों के बीच नोटराइज्ड विक्रय अनुबंध भी निष्पादित किया गया था।

आरोप है कि नत्थाराम ने अपने पुत्र लक्ष्मण और महेश के साथ मिलकर अलग-अलग माध्यमों से कुल 44.51 लाख रुपये प्राप्त कर लिये। पीड़ित परिवार का कहना है कि रकम में चेक और नकद भुगतान दोनों शामिल थे। इसके बावजूद आरोपियों ने लगातार बैनामा टालना शुरू कर दिया। काफी समय तक बहानेबाजी करने के बाद कथित रूप से वही जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दी गई।

मामले में ग्राम लखावली निवासी अजगर सिंह, ग्राम कुण्डौल निवासी परवेन्द्र सिंह और ग्राम बुधेरा निवासी मुकेश कुमार को भी नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन सभी ने सुनियोजित तरीके से साजिश रचकर जमीन सौदे की रकम हड़पने में भूमिका निभाई।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि 27 मार्च 2026 को उन्हें आगरा स्थित डीआरटी अस्पताल बुलाया गया, जहां दबाव बनाकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की गई। जब उन्होंने विरोध किया तो कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद से परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

परिवार का कहना है कि आरोपी लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना एकता पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विक्रय अनुबंध, बैंक ट्रांजैक्शन, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।