खुले नाले में पलटी कार, प्रशासन सोता रहा, ताजगंज क्षेत्र में बाल-बाल बचा चालक
आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र के विभव नगर चौकी अंतर्गत टककर रोड पर देर रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब बिना बाउंड्रीवॉल वाले खुले नाले में एक कार अनियंत्रित होकर गिर गई और पलट गई। कार चालक राहुल सोनी बच्चों के लिए खाना लेकर घर लौट रहे थे। सामने से आ रही गाड़ी की तेज रोशनी के कारण उन्होंने कार साइड में की, लेकिन खुला नाला दिखाई नहीं दिया। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। घटना ने नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है, क्योंकि शहर में कई खुले नाले अब भी लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं।
आगरा। आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में नगर निगम और संबंधित विभागों की घोर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। विभव नगर चौकी क्षेत्र के टक्कर रोड पर देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब बाउंड्रीवॉल या सुरक्षा रेलिंग न होने के कारण एक अनियंत्रित कार सीधे खुले नाले में जा गिरी और पलट गई।
हादसे के वक्त कार चला रहे राहुल सोनी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। बताया जा रहा है कि राहुल देर रात अपने बच्चों के लिए खाने-पीने का सामान लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक गाड़ी की तेज हेडलाइट के कारण विजिबिलिटी अचानक प्रभावित हुई। जैसे ही उन्होंने कार को साइड देने की कोशिश की, सड़क किनारे बिना सुरक्षा घेराबंदी वाले खुले नाले में कार जा गिरी।
तेज लाइट, अंधेरा और खुला नाला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतनी तेजी से हुआ कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। सामने से तेज रोशनी पड़ने के कारण राहुल सोनी ने वाहन को नियंत्रित करते हुए कार को साइड में लिया, लेकिन सड़क किनारे मौजूद खुले और असुरक्षित नाले का अंदाजा नहीं लग सका। नतीजा यह हुआ कि कार सीधे नाले में उतर गई और पलट गई। कार के पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत दौड़कर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद कार सवार को सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों की तत्परता से बची जान
घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय निवासियों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और कार में फंसे राहुल सोनी को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि कुछ मिनट की भी देरी हो जाती, तो हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। राहुल सोनी के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर शहर की खराब शहरी व्यवस्था और लापरवाह सरकारी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकारी तंत्र की नाकामी
यह कोई पहली घटना नहीं है। आगरा शहर में ऐसे कई खुले नाले, अधूरी बाउंड्री और बिना सुरक्षा रेलिंग वाले जलनिकासी मार्ग लंबे समय से लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और क्षेत्रीय प्रशासन ने न तो नालों पर ढक्कन लगवाए, न बाउंड्री बनवाई और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़े जानलेवा हादसे का इंतजार कर रहा है?
जब शहर के बीचोंबीच खुले नाले मौजूद हैं, सड़क किनारे कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, स्ट्रीट लाइटिंग कमजोर है और चेतावनी संकेत तक नहीं हैं, तो ऐसे हादसे होना तय है।
पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे
स्थानीय लोगों के अनुसार, टक्कर रोड समेत शहर के कई हिस्सों में पहले भी खुले नालों और असुरक्षित किनारों के कारण छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। कई बार वाहन फिसलने, बाइक गिरने और राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों ने न तो स्थायी समाधान किया और न ही संवेदनशील स्थानों की पहचान कर सुरक्षा मानकों का पालन कराया। यह घटना साफ बताती है कि शहर में विकास के दावे कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत में नागरिकों की जान खुले नालों के भरोसे छोड़ दी गई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, सुरक्षा इंतजाम की मांग
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों ने मांग की है कि टक्कर रोड के खुले नाले पर तुरंत बाउंड्रीवॉल/रेलिंग लगाई जाए। खतरनाक स्थानों पर रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। रात में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शहर के सभी खुले नालों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन के लिए बड़ा सवाल
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी लापरवाही का जीवंत सबूत है।
यदि सड़क किनारे मौजूद नाले पर बाउंड्रीवॉल होती, चेतावनी संकेत लगे होते या पर्याप्त रोशनी होती, तो यह हादसा टल सकता था। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस घटना के बाद जागता है या फिर अगली बड़ी दुर्घटना का इंतजार करता है।