रहनकलां टोल प्लाज़ा प्रदर्शन को लेकर सपाइयों के खिलाफ दर्ज मुकदमा खत्म, सपा नेताओं ने पुलिस आयुक्त से की थी मुलाकात
आगरा। इनर रिंग रोड स्थित रहनकलां टोल प्लाज़ा पर बगैर अनुमति प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल की पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार से हुई मुलाकात के बाद संबंधित मुकदमों को खत्म करने के आदेश दे दिए गए हैं। इस फैसले से कार्यकर्ताओं में राहत की लहर है।
लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन था मुकदमा
पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने साफ कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर एफआईआर दर्ज करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन भी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने निष्पक्ष सुनवाई कर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
टोल फ्री की मांग पर हुआ था प्रदर्शन
जानकारी के मुताबिक, थाना एत्मादपुर क्षेत्र के रहनकलां टोल प्लाज़ा पर स्थानीय लोगों के लिए टोल फ्री करने की मांग को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने बिना अनुमति विगत दो मई को प्रदर्शन किया था। सपा के झंडों के साथ इनर रिंग रोड पर विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद थाने में तैनात दरोगा कपिल कुमार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई।
छह नामजद और 20 अज्ञात पर दर्ज हुआ था केस
इस मामले में सपा नेता मधुकर अरोड़ा, देवेंद्र यादव, लाला गुर्जर, नितिन वर्मा, भरत सिंह, संतोष पाल सहित 6 लोगों को नामजद किया गया था, जबकि 15–20 अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को सपा ने शुरू से ही दबाव में लिया गया फैसला बताया था।
शब्बीर अब्बास का तीखा हमला
महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा जनता की आवाज उठाती रही है और आगे भी अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर पुलिस ने लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश की, जो बेहद खतरनाक प्रवृत्ति है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भविष्य में जनता की आवाज दबाने का प्रयास किया गया, तो सपा सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेगी। हम जनता की लड़ाई लड़ते हैं, और समाजवादी हर हाल में लड़ते रहेंगे।
बड़ी संख्या में नेता रहे मौजूद
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में राहुल चतुर्वेदी, सचिन चतुर्वेदी, मधुकर अरोड़ा, जमील खान, राहुल चौधरी, समीर अब्बास, नरेंद्र सिंह नंद, राजीव सविता, मोनिका नाज़ खान, गुड्डी भारती, भरत सिंह, फईम, ऊदल सिंह जाटव, मुजाहिद कुरैशी, तेजू यादव, एहतराम जाफरी, नदीम, हसीन, फैजान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।