ताज महोत्सव में सजी ब्रज की रंगीली गली, ‘नादयज्ञ’ में शास्त्रीय और लोक स्वर की अनूठी संगम धारा

ताज महोत्सव के मुक्ताकाशीय मंच पर संस्कार भारती द्वारा आयोजित ‘नादयज्ञ’ में शास्त्रीय और लोक संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियां हुईं। चेन्नई की गायिका दीपिका वरदराजन ने ब्रजभाषा के पदों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। पखावज, ध्रुपद, होली गीत और देशभक्ति गायन ने कार्यक्रम को विविध रंग दिए। कैलीग्राफी आर्टिस्ट डॉ. रूपाली खन्ना ने संगीत के साथ मंच पर लाइव चित्र बनाकर कार्यक्रम को विशेष आयाम प्रदान किया।

Feb 26, 2026 - 23:47
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ताज महोत्सव में सजी ब्रज की रंगीली गली, ‘नादयज्ञ’ में शास्त्रीय और लोक स्वर की अनूठी संगम धारा
ताज महोत्सव में संस्कार भारती के कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार।

महोत्सव में संगीत के साथ कैनवास पर उभरे रंग

आगरा। गुरुवार की शाम ताज महोत्सव का मुक्ताकाशीय मंच ब्रज की रंगीली गली में तब्दील हो गया, जब संस्कार भारती आगरा महानगर के तत्वावधान में ‘नादयज्ञ’ का भव्य आयोजन हुआ। शास्त्रीय संगीत और ब्रज के लोक रंगों से सजे इस कार्यक्रम ने श्रोताओं को सुर, ताल और रंगों की अद्भुत अनुभूति कराई।

राग देश से सजी सुरों की शुरुआत

चेन्नई से पधारी दक्षिण भारतीय फिल्मों की गायिका दीपिका वरदराजन ने ब्रजभाषा के पदों में शास्त्रीय गायन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिरस और श्रृंगार रस से सराबोर कर दिया। उन्होंने राग देश, मध्यलय तीनताल में निबद्ध रचना ‘चल कोलिला देखें ब्रज बसंत’ से अपने गायन की शुरुआत की।

इसके बाद ब्रज की पारंपरिक होली ‘बन आयो छैला होरी कौ’, ‘मृगनयनी कौ यार नवल रसिया’ और समापन पर ‘आज ब्रज में होरी रे रसिया’ प्रस्तुत कर मंच को सचमुच रंगीली गली बना दिया। उनके साथ तबले पर लोकेंद्र तलेगांवकर और संवादिनी पर रविंद्र तलेगांवकर ने सधी संगत कर प्रस्तुति को और प्रभावशाली बनाया।

स्वरों के साथ रंगों का सृजन

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कैलीग्राफी आर्टिस्ट डॉ. रूपाली खन्ना रहीं। उन्होंने मंच पर कलाकारों के स्वरों को सुनते हुए कैनवास पर तूलिका से सजीव चित्र रचा। संगीत और चित्रकला का यह अद्भुत संगम दर्शकों के लिए अविस्मरणीय क्षण बन गया।

पखावज, ध्रुपद और देशभक्ति की अनुगूंज

नई दिल्ली से आए पं. हरिश्चंदपति और आदि नारायण ने पखावज वादन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बारह मात्रा की चौताल में परन और तिहाइयों की प्रस्तुति ने शास्त्रीय संगीत के गंभीर पक्ष को उभारा। डॉ. ब्रजबिहारी बिरजू ने पारंपरिक होली गीत सुनाए, वहीं पं. गिरधारीलाल शर्मा और उनके छात्रों ने तालवाद्य कचहरी एवं ध्रुपद गायन प्रस्तुत किया।

पं. देवाशीष गांगुली और उनके छात्रों ने वंदे मातरम् की भावपूर्ण प्रस्तुति दी और देशभक्ति गीतों से वातावरण में राष्ट्रप्रेम की ऊर्जा भर दी। मनोज कुमार, जूली कुमारी, सौरभ ठाकुर और कपिल टंडन ने राष्ट्रगीत माला प्रस्तुत कर कार्यक्रम को ऊर्जावान समापन दिया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कार भारती के अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, समाजसेवी डॉ. हितेश लवानियां, वरिष्ठ अधिवक्ता एड. अरविंद शर्मा एवं गौरव धवन ने दीप प्रज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत प्रांतीय उपाध्यक्ष नंदनंदन गर्ग ने किया, जबकि संचालन महानगर उपाध्यक्ष ओम स्वरूप गर्ग ने किया। कार्यक्रम का समन्वय एवं आभार मधुकर चतुर्वेदी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर छावनी बोर्ड उपाध्यक्ष राजेश गोयल, एडीजीसी मंगल उपाध्याय, भाजयुमो क्षेत्रीय मंत्री गौरव रजावत सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।