विज्ञान की शक्ति से भविष्य गढ़ने का संकल्प: आगरा कॉलेज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर नवाचार, एआई और प्रतिभाओं का संगम
आगरा। आगरा कॉलेज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन में जहां मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव और संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने गहन विचार साझा किए।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, उत्कृष्टता को मिला मंच
कार्यक्रम के अंतर्गत एम.एससी. प्रीवियस एवं फाइनल के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को एस.एम.एल. गुप्ता मेमोरियल अवॉर्ड, एयर कमोडोर अशोक कुमार मेमोरियल अवॉर्ड तथा तारा चंदन मेमोरियल अवॉर्ड के तहत नगद पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया।
एआई पर प्रो. मनु प्रताप सिंह का दमदार व्याख्यान
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के कंप्यूटर साइंस विभाग के निदेशक प्रो. मनु प्रताप सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वर्तमान और भविष्य पर विस्तृत प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाली शक्ति है। डेटा और मशीन लर्निंग के माध्यम से जटिल समस्याओं का समाधान संभव है, लेकिन इसके साथ नैतिक मूल्यों का संतुलन भी आवश्यक है।
प्राचार्य का संदेश- विज्ञान जीवन का दृष्टिकोण
प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने अपने उद्बोधन में विज्ञान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विज्ञान केवल विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने का नजरिया है। जिज्ञासा, तर्कशीलता और प्रयोगधर्मिता ही किसी भी समाज को आगे बढ़ाती है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रो. आशीष कुमार द्वारा किया गया। रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. संचिता सिंह ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रो. एस.एम.एल. गुप्ता के सुपुत्र श्री आर.के. अग्रवाल ने अपने पिता की स्मृतियों को साझा करते हुए भावुक उद्बोधन दिया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक आत्मीय हो गया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रो. अवधेश कुमार जौहरी एवं प्रो. अमित अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रो. संजय कुमार, प्रो. कल्पना चतुर्वेदी, प्रो. विनीता गुप्ता, प्रो. स्मिता चतुर्वेदी, प्रो. एस. एस. खिरवार, प्रो. भूपेंद्र सिंह, प्रो. महेंद्र सिंह, प्रो. अमित चौधरी, डॉ. आरसी वर्मा, डॉ. हृदयेश कुमार, डॉ. सपना तोमर, गौरव एवं डॉ. निधि जौहरी सहित अनेक गणमान्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।