आस्था और आध्यात्म का संगम: जैन समाज में गूंजे जयघोष, मुनि संघ का मंगल प्रवेश और भक्तामर स्तोत्र से हुआ आदिनाथ कल्याणक उत्सव
आगरा। शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में शुक्रवार को धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में निर्यापक मुनि श्री विलोक सागर जी महाराज एवं मुनि श्री विबोध सागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ, वहीं गुदड़ी मंसूर खां स्थित श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान आदिनाथ के जन्म-तप कल्याणक महोत्सव पर 48 दीपों के साथ भक्तामर स्तोत्र का सामूहिक पाठ कर श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था प्रकट की। दोनों स्थानों पर जैन समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धर्म प्रभावना का संकल्प लिया।
जयपुर हाउस जैन मंदिर में मुनि संघ का भव्य मंगल प्रवेश
जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आचार्य श्री आर्जव सागर जी महाराज के शिष्य निर्यापक मुनि श्री विलोक सागर महाराज एवं मुनि श्री विबोध सागर महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के जैन समाज में उत्साह और श्रद्धा का विशेष वातावरण दिखाई दिया।
प्रातः 7:30 बजे जयपुर हाउस क्षेत्र के साधार्मी बंधु जैन चैत्यालय पर एकत्रित हुए, जहाँ से मुनि संघ की अगवानी के लिए बैण्ड-बाजों के साथ प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी जयपुर हाउस क्षेत्र का भ्रमण करती हुई जयकारों और भक्ति गीतों के बीच मंदिर परिसर पहुँची। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक के संदेश का भी प्रचार-प्रसार किया।
प्रातः लगभग 9:00 बजे मुनिद्वय का मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन और जयघोष के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद मुनि संघ ने मंदिर में विराजमान समस्त प्रतिमाओं के दर्शन किए और श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।
मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि निर्यापक मुनि श्री विलोक सागर महाराज ससंघ का मंगल प्रवास 14 मार्च तक जयपुर हाउस जैन मंदिर में रहेगा, जबकि 15 मार्च को उनका प्रवास कलाकुंज स्थित श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में रहेगा।
आदिनाथ जन्म-तप कल्याणक पर 48 दीपों से भक्तामर स्तोत्र पाठ

इधर गुदड़ी मंसूर खां स्थित श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जन्म-तप कल्याणक महोत्सव के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सकल दिगम्बर जैन समाज गुदड़ी मंसूर खां के तत्वावधान में हुआ।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने 48 दीप प्रज्वलित कर श्रद्धा और भक्ति के साथ श्री भक्तामर स्तोत्र का सामूहिक पाठ किया। दीपों की पंक्तियों से सजे मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्म का वातावरण छा गया। महिला-पुरुषों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भगवान आदिनाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि भगवान आदिनाथ का जन्म-तप कल्याणक जैन धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष सुख-समृद्धि और विश्व शांति की प्रार्थना की।