धर्म, राष्ट्र और संस्कार का संगम, बेलनगंज में हुआ ‘विराट हिंदू सम्मेलन’, सनातन संरक्षण का आह्वान

आगरा के बेलनगंज में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में सनातन संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्रभावना को मजबूत करने और नई पीढ़ी को संस्कारित करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने विद्यालयों में धार्मिक पाठ, गौ रक्षा और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने की बात कही। कार्यक्रम का समापन होली मिलन समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ।

Mar 1, 2026 - 21:01
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धर्म, राष्ट्र और संस्कार का संगम, बेलनगंज में हुआ ‘विराट हिंदू सम्मेलन’, सनातन संरक्षण का आह्वान
विराट हिन्दू सम्मेलन में प्रमुख लोगों को सम्मानित करते।

आगरा। बेलनगंज स्थित सूरजभान फाटक पर विराट हिंदू सम्मेलन समिति की ओर से धर्म, राष्ट्र और संस्कार के उद्देश्य के साथ आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और नागरिकों ने भाग लिया। सम्मेलन में सनातन संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्रभावना को सशक्त करने और नई पीढ़ी को संस्कारित करने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को बचपन से ही सनातन मूल्यों की शिक्षा दी जाए तो समाज में नैतिकता और अनुशासन स्वतः स्थापित हो जाएगा। उन्होंने परिवार और विद्यालय दोनों को संस्कार निर्माण का केंद्र बताया।

मुख्य वक्ता स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि अच्छे संस्कारों और सशक्त आस्था के बल पर हिंदू धर्म में इतनी शक्ति है कि वह समाज को सकारात्मक दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित और जागरूक रहने की आवश्यकता है, तभी सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह पाएगी।

महंत योगेश पुरी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सनातन धर्म के संरक्षण के लिए विद्यालयों में हनुमान चालीसा का पाठ अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही बच्चों को राष्ट्र भावना से जोड़ने के लिए उन्हें सेना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कलावा पहनने, तिलक लगाने और रामायण पाठ जैसी परंपराओं को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर बल दिया।

वक्ता सत्यवती गुप्ता ने कहा कि जब हिंदू समाज जागृत होगा, तभी विश्व में मानवता और विश्वास की स्थापना सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि भारत के हिंदुओं की पहचान राष्ट्र के आधार पर होनी चाहिए और सभी को एकजुट होकर सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए। सम्मेलन में गौ रक्षा के मुद्दे पर भी विशेष चर्चा हुई और इसे धर्म एवं संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया गया।

कार्यक्रम के समापन पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान मलख़म की आकर्षक प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

इस अवसर पर मुख्य संयोजक अजय तोषनीवाल, पार्षद अनुराग चतुर्वेदी, संयोजक मोहन खंडेलवाल, अभिषेक झा, आलोक आर्य, मनीष सिंघल, विशाल तिवारी, चिराग जैन, दिनेश गर्ग, प्रभाकर शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।