केरल में कांग्रेस गठबंधन बहुमत के पार, वाम गठबंधन का अंतिम किला ढहा, भाजपा भी तीन सीटों पर आगे
केरल विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ), दो कार्यकालों से सत्ता में रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) के बीच सीधी टक्कर थी। इसमें कांग्रेस गठबंधन ने बाजी मार ली है। यूडीएफ ने बहुत का आंकड़ा पार कर सरकार बनाने की तैयारी में है।
तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन बहुमत के आगे निकल चुका है। 10 साल से सत्ता में रही लेफ्ट धराशायी हो चुकी है। वहीं बीजेपी भी केरल में अपनी उपस्थिति बढ़ाती नजर आ रही है। केरल (केरलम) विधानसभा चुनाव की मतगणना आज सुबह आठ बजे से जारी है। शाम चार बजे तक के रुझानों में यूडीएफ गठबंधन ने 100 सीटों पर बढ़त बना ली है तो वहीं सत्तारूढ़ एलडीएफ सिर्फ 37 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि बीजेपी 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
मालूम हो कि राज्य में 140 सीट के लिए कुल 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। यहां बहुमत का आंकड़ा 71 है। आज 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र में वोटों की गिनती हो रही थी। केरल विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ), दो कार्यकालों से सत्ता में रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) के बीच सीधी टक्कर है। कांग्रेस ने यहां 2024 के लोकसभा चुनाव और हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया था, वहीं भाजपा के नेतृत्व वाला राजग द्विध्रुवीय राजनीति वाले राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
एलडीएफ की हार के साथ 1960 के दशक के बाद पहली बार ऐसा होगा कि वामपंथी दल किसी भी भारतीय राज्य में सत्ता में नहीं होंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया था, जिनमें 140 रिटर्निंग ऑफिसर, 1,340 अतिरिक्त रिटर्निंग ऑफिसर, 4,208 सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 4,208 मतगणना पर्यवेक्षक और 5,563 मतगणना सहायक शामिल हैं।
मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस कर्मियों के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं। भाजपा के नेतृत्व वाला राजग, हालांकि सरकार बनाने की दौड़ में नहीं है लेकिन 2021 में एक भी सीट जीतने में विफल रहने के बाद केरल में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए इस चुनाव को महत्वपूर्ण मान रहा है।