शाहीन बाग से चल रहा था धर्मांतरण नेटवर्क, संदिग्ध आतंकी अयान जावेद 3 दिन की पुलिस कस्टडी में

संदिग्ध आतंकी अयान जावेद को कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा। वह रांची सेंट्रल जेल से बी-वारंट पर आगरा लाया गया था। ‘वन उम्माह वन बॉडी’ व्हाट्सएप ग्रुप से धर्मांतरण नेटवर्क संचालित होने का आरोप। देहरादून की युवती को भगाकर निकाह कराने की साजिश का खुलासा। पुलिस इंडियन मुजाहिदीन कनेक्शन और हथियार जुटाने की योजना की जांच कर रही है। पाकिस्तान और खाड़ी देशों से फंडिंग एंगल भी जांच के दायरे में है।

Mar 8, 2026 - 16:36
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शाहीन बाग से चल रहा था धर्मांतरण नेटवर्क, संदिग्ध आतंकी अयान जावेद 3 दिन की पुलिस कस्टडी में
आरोपी अयान।

आगरा में धर्मांतरण-आतंकी नेटवर्क का बड़ा खुलासा,‘वन उम्माह वन बॉडी’ ग्रुप से युवतियों को फंसाने की साजिश

आगरा। आगरा में सामने आए धर्मांतरण और आतंकी कनेक्शन के सनसनीखेज मामले में कोर्ट ने संदिग्ध आतंकी अयान जावेद को तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है। उसे झारखंड की रांची सेंट्रल जेल से बी-वारंट पर आगरा लाया गया था। पुलिस अब उससे धर्मांतरण गैंग, आतंकी संगठनों से संपर्क और फंडिंग के नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ करेगी। कोर्ट के आदेश के अनुसार अयान जावेद 10 मार्च शाम 4 बजे तक पुलिस कस्टडी में रहेगा।

जांच एजेंसियों के मुताबिक अयान जावेद का नाम ऐसे नेटवर्क से जुड़ा है, जो सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवतियों को धर्मांतरण के लिए फंसाने की साजिश रच रहा था। पुलिस का दावा है कि शाहीन बाग से संचालित एक नेटवर्क के जरिए कई गैंग सक्रिय थे, जो अलग-अलग शहरों में युवतियों को टारगेट करते थे।

जांच में सामने आया है कि ‘वन उम्माह वन बॉडी’ नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से करीब 200 लोग जुड़े हुए थे। इस ग्रुप में धर्मांतरण कराने के तरीके, संपर्क सूत्र और रणनीति साझा की जाती थी। पुलिस का कहना है कि इसी नेटवर्क के जरिए युवतियों को पहले दोस्ती के जाल में फंसाया जाता था, फिर उन्हें भगाकर निकाह कराने की योजना बनाई जाती थी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रहमान कुरैशी के माध्यम से देहरादून की एक युवती से संपर्क कराया गया था। इसके बाद युवती को भगाने और निकाह कराने की साजिश रची गई थी। इसके लिए बाकायदा गाड़ी तक भेजी गई थी, लेकिन मामला खुलने के बाद योजना नाकाम हो गई।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक अयान जावेद के तार आतंकी संगठनों से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। जांच में यह जानकारी मिली है कि वह इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े संदिग्ध समीक के संपर्क में था। इसके अलावा धनबाद की एक मस्जिद में हथियार जुटाने की योजना बनाने का भी आरोप सामने आया है।

जांच एजेंसियों ने यह भी दावा किया है कि अयान जावेद का संपर्क झारखंड के वासेपुर के हथियार तस्करों और इंस्टाग्राम पर सक्रिय अबू रिदा नाम के शख्स से भी था। झारखंड एटीएस ने अयान जावेद को अप्रैल 2025 में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह ऑनलाइन क्लास के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा की शिक्षा ले रहा था। उसके पास से हिज्ब उत तहरीर से जुड़ी किताबें और साहित्य भी मिला, जिनमें खलीफा स्थापित करने की विचारधारा से संबंधित जानकारी थी।

अब आगरा पुलिस इस मामले में पाकिस्तान और खाड़ी देशों से संभावित फंडिंग के एंगल की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान धर्मांतरण गैंग, आतंकी नेटवर्क और फंडिंग के पूरे तंत्र से जुड़े अहम सबूत जुटाने की कोशिश की जाएगी।