भारत के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हुए डेवोन कॉनवे, न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को बड़ा झटका; निक केली को मिली जगह
वेलिंगटन। भारत के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में पिछड़ रही न्यूजीलैंड की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉनवे चोट के कारण शेष चार मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। मंगलवार को अभ्यास सत्र के दौरान साथी तेज गेंदबाज मैट हेनरी से टकराने के बाद उनके सिर में चोट लगी थी। चिकित्सकीय जांच में कन्कशन (सिर पर चोट के कारण मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित होने की स्थिति) की पुष्टि होने के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट ने उन्हें पूरी वनडे सीरीज से बाहर रखने का फैसला किया है।
न्यूजीलैंड क्रिकेट ने शुक्रवार, 6 नवंबर को कॉनवे के सीरीज से बाहर होने की आधिकारिक घोषणा की। उनकी जगह बाएं हाथ के बल्लेबाज निक केली को टीम में शामिल किया गया है। केली को मूल रूप से सीरीज के चौथे और पांचवें वनडे के लिए चुना गया था, लेकिन अब उन्हें पहले ही टीम के साथ जोड़ लिया गया है। वह दूसरे वनडे से उपलब्ध रहेंगे।
यह घटना 3 नवंबर को ऑकलैंड के ईडन पार्क में अभ्यास के दौरान हुई थी। फील्डिंग अभ्यास में कैच लेने की कोशिश करते समय कॉनवे और मैट हेनरी आपस में टकरा गए थे। दोनों खिलाड़ियों को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई और उनके सिर की चोट का परीक्षण किया गया। कॉनवे को आगे की जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां कन्कशन की पुष्टि हुई। शुरुआत में वह पहले वनडे से बाहर हुए थे, लेकिन बाद की चिकित्सकीय समीक्षा में उन्हें पूरी सीरीज से हटाने का निर्णय लिया गया।
मैट हेनरी को खेलने की मिली अनुमति
इस हादसे में शामिल दूसरे खिलाड़ी मैट हेनरी के लिए राहत की खबर है। चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें कन्कशन से मुक्त पाया गया है और वह भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में चयन के लिए उपलब्ध हैं। हेनरी की वापसी न्यूजीलैंड के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि टीम को बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी खिलाड़ियों की अनुपलब्धता का सामना करना पड़ रहा है।
पहले से चोटों से जूझ रही है न्यूजीलैंड की टीम
कॉनवे के बाहर होने से न्यूजीलैंड की परेशानियां इसलिए भी बढ़ गई हैं, क्योंकि टीम के दो अन्य प्रमुख खिलाड़ी रचिन रविंद्र और मार्क चैपमैन भी चोट के कारण इस वनडे सीरीज में नहीं खेल रहे हैं। रविंद्र कंधे की परेशानी से जूझ रहे हैं, जबकि चैपमैन हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण टीम से बाहर हैं।
कॉनवे न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम के भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उनकी तकनीक और लंबी पारियां खेलने की क्षमता टीम को मजबूत शुरुआत देने में अहम भूमिका निभाती है। उनके नहीं होने से न्यूजीलैंड को सलामी जोड़ी और शीर्ष क्रम के बल्लेबाजी संयोजन में बदलाव करना पड़ेगा। अब टिम सीफर्ट और अन्य उपलब्ध बल्लेबाजों पर शुरुआती ओवरों में बेहतर प्रदर्शन का दबाव रहेगा।
पहले मैच में भारत ने दर्ज की थी जीत
भारत ने ऑकलैंड में 4 नवंबर को खेले गए पहले वनडे में न्यूजीलैंड को डकवर्थ-लुईस पद्धति से पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली थी। न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 40.2 ओवर में 185 रन पर सिमट गई थी। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने चार और गुरनूर बराड़ ने तीन विकेट हासिल किए थे।
बारिश के कारण भारत को 32 ओवर में 143 रन का संशोधित लक्ष्य मिला। विराट कोहली ने 51 गेंदों पर 74 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कप्तान शुभमन गिल ने 37 रन बनाए। भारत ने 22.4 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
दूसरे मुकाबले में बराबरी करने की चुनौती
भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे 7 नवंबर को वेलिंगटन के एचएनआरवाई स्टेडियम में खेला जाना निर्धारित है। पांच मैचों की इस सीरीज में बने रहने के लिए न्यूजीलैंड को यह मुकाबला जीतना जरूरी है। ऐसे समय में कॉनवे का बाहर होना मेजबान टीम के लिए बड़ा झटका है। अब कप्तान मिचेल सैंटनर के सामने उपलब्ध खिलाड़ियों के साथ मजबूत बल्लेबाजी संयोजन तैयार करने की चुनौती होगी।