जिला पंचायत अध्यक्ष ने सीएम योगी से मुलाकात कर उठाये आगरा के मुद्देः विकास, जल संकट, किसानों की बदहाली, यमुना संरक्षण, फार्मा पार्क, सड़क चौड़ीकरण, आलू उत्पादकों और पशु चिकित्सा सुविधाओं सहित अनेक मामलों पर चर्चा, शीघ्र कार्रवाई का मिला आश्वासन
आगरा। जनपद के विकास, जल संरक्षण, किसानों की बदहाली और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया और पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आगरा की विभिन्न जनसमस्याओं और विकास परियोजनाओं से संबंधित विस्तृत ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपते हुए जनहित में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया।
जल जीवन मिशन की धीमी रफ्तार पर चिंता
ज्ञापन में बताया गया कि जल जीवन मिशन योजना आगरा जनपद में अभी तक पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकी है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट बना हुआ है। डॉ. मंजू भदौरिया ने मांग की कि जब तक योजना पूरी तरह लागू नहीं होती, तब तक जिला पंचायत को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गांवों में सबमर्सिबल पंप, पानी की टंकी और पाइपलाइन व्यवस्था स्थापित करने की अनुमति दी जाए। साथ ही सोलर सिस्टम से संचालित जल मीनार लगाकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
उटंगन नदी पर स्लूस गेट बांध का प्रस्ताव
डॉ. भदौरिया ने आगरा की प्रमुख उटंगन नदी में जल संचयन की बड़ी योजना भी मुख्यमंत्री के सामने रखी। उन्होंने बताया कि फतेहाबाद तहसील के रेहावली गांव के पास स्लूस गेट युक्त बांध का निर्माण कराया जाए। यह नदी राजस्थान के करौली क्षेत्र से होकर आती है और इसमें पर्याप्त जलराशि रहती है। यदि बांध बनाकर जल संग्रह किया जाए तो इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और बाह व फतेहाबाद क्षेत्र के गांवों को सिंचाई तथा पेयजल के लिए स्थायी लाभ मिलेगा।
तेरह मोरी और खानुआ बांध की मरम्मत की मांग
फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक तेरह मोरी बांध और खानुआ बांध की जर्जर हालत का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया गया। डॉ. भदौरिया ने कहा कि इन बांधों की संरचना को दुरुस्त कराकर जल संरक्षण को मजबूत किया जा सकता है। साथ ही यदि इन जलाशयों में पानी का संचयन होता है तो विश्व धरोहर फतेहपुर सीकरी के पीछे का क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत आकर्षक बन सकता है।
आगरा में 100 एकड़ में फार्मा पार्क की मांग
ज्ञापन में औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दे भी शामिल रहे। डॉ. मंजू भदौरिया ने ललितपुर की तर्ज पर आगरा में 100 एकड़ क्षेत्रफल में फार्मा पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इससे गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
पॉलीटेक्निक कॉलेज में शुरू हों कक्षाएं
शिक्षा से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने बताया कि विकास खंड शमशाबाद की ग्राम पंचायत कौलारा कलां में पॉलीटेक्निक कॉलेज का भवन कई वर्ष पहले बन चुका है, लेकिन अब तक वहां कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। लंबे समय से उपयोग न होने के कारण भवन भी क्षतिग्रस्त होने लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कॉलेज में शीघ्र शैक्षिक गतिविधियां शुरू कराने की मांग की।
पशु चिकित्सालयों की कमी का मुद्दा
पशुपालन से जुड़े ग्रामीणों की समस्याओं को सामने रखते हुए डॉ. भदौरिया ने बताया कि शमशाबाद और फतेहाबाद क्षेत्रों में पशु चिकित्सालयों की भारी कमी है। उन्होंने शमशाबाद विकास खंड के ग्राम कुर्रा चित्रपुर और मझारा में दो नए पशु चिकित्सालय स्थापित करने तथा फतेहाबाद क्षेत्र के अस्पतालों में नियमित पशु चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित कराने की मांग की।
यमुना संरक्षण और बैराज निर्माण पर जोर
यमुना नदी के संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में यमुना की सिल्ट सफाई, गंदे नालों को टेप करने, दिल्ली और हरियाणा से आने वाले प्रदूषित पानी को रोकने, आगरा की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने और ताजमहल के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में प्रस्तावित बैराज के निर्माण की मांग की गई।
सड़क चौड़ीकरण से सैकड़ों गांवों को मिलेगा लाभ
आवागमन की सुविधा बेहतर करने के लिए शमसाबाद आगरा रोड (बड़ागांव) से शमसाबाद–फतेहाबाद रोड (जारौली टीला) तक लगभग तीन किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री को दिया गया। यह मार्ग तैयार होने से आसपास के सैकड़ों गांवों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।
आलू किसानों के लिए समर्थन मूल्य तय करने की मांग
किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए डॉ. भदौरिया ने बताया कि आगरा में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन इस समय बाजार में कीमतें लागत से भी कम मिल रही हैं। उन्होंने आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने, बाजार हस्तक्षेप योजना लागू करने, निर्यात और परिवहन पर सब्सिडी देने तथा कोल्ड स्टोरेज के बिजली बिल में राहत देने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
मुख्यमंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. मंजू भदौरिया द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।