दोहरा टोल जनता पर डबल मार: नॊर्थ बाईपास पर शुल्क के खिलाफ नेशनल चैम्बर ने खोला मोर्चा
आगरा। शहर के ट्रैफिक सुधार के लिए बनाए गए उत्तरी बाईपास पर प्रस्तावित टोल टैक्स अब विवाद का कारण बन गया है। व्यापारिक संगठन नेशनल चैम्बर ने इस फैसले के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए इसे वाहन चालकों पर डबल मार करार दिया है और सरकार से तत्काल पुनर्विचार की मांग की है।
चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल और पूर्व अध्यक्ष संजय गोयल ने संयुक्त बयान में कहा कि उत्तरी बाईपास पर टोल लगाए जाने से वाहन चालकों को एक ही मार्ग पर दो बार टोल देना पड़ेगा। खासकर वे वाहन जो मथुरा से एत्मादपुर, कानपुर, हाथरस रोड या फिरोजाबाद रोड की ओर जाते-आते हैं, उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ झेलना पड़ेगा।
बाईपास के अनुपयोगी होने का खतरा
चैम्बर नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि टोल लागू किया गया तो मथुरा की ओर से आने वाले वाहन चालक उत्तरी बाईपास का उपयोग ही नहीं करेंगे। इससे सरकार द्वारा बनाया गया यह महत्वपूर्ण मार्ग अनुपयोगी हो जाएगा और शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव जस का तस बना रहेगा।
जाम से राहत के लिए बना था बाईपास
नेताओं ने बताया कि उत्तरी बाईपास का निर्माण विशेष रूप से सिकंदरा और वाटर वर्क्स जैसे जामग्रस्त इलाकों को राहत देने के लिए किया गया था। इसका उद्देश्य मथुरा, महावन, हाथरस, सादाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों- शहजादपुर पौरी, चुरमुरा, रैपुरा जाट, कंजौली घाट, कनोरा बांगा, मुर्शिदाबाद बांगर, सराय सलवाहन, नेरा नगला, गुखरौता, गुरखौली, मिढ़ावली को जोड़ना था, ताकि भारी वाहनों को शहर के बाहर से डायवर्ट किया जा सके।
भारी वाहनों का लोड फिर बढ़ेगा शहर में
चैम्बर का कहना है कि यदि बाईपास पर टोल लागू होता है तो भारी वाहन चालक शहर के अंदर के रास्तों का ही उपयोग करेंगे, जिससे आगरा में जाम की समस्या और गंभीर हो जाएगी।
चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल और पूर्व अध्यक्ष संजय गोयल ने सरकार से मांग की है कि वाहन स्वामियों पर दोहरा टोल न थोपा जाए और उत्तरी बाईपास को टोल मुक्त रखा जाए, ताकि इसका वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।