फव्वारा के माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स में औषधि विभाग की जांच जारी, सील गोदामों की भी जांच जल्द

आगरा के फव्वारा स्थित माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स में औषधि विभाग की छापेमारी में छह कार्टन लावारिस दवाएं बरामद हुईं, जिनमें पांच कार्टन में 54 प्रकार की सैंपल दवाएं मिलीं जिनकी कीमत करीब 3.20 लाख रुपये बताई गई है। दो बंद गोदामों को सील किया गया है, जिन्हें जांच के लिए जल्द खोला जाएगा। विभिन्न मेडिकल एजेंसियों से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है और यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये कार्टन वहां किसने रखे थे।

Mar 9, 2026 - 14:06
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फव्वारा के माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स में औषधि विभाग की जांच जारी, सील गोदामों की भी जांच जल्द
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आगरा। आगरा के फव्वारा स्थित माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स में औषधि विभाग द्वारा की गई छापेमारी के मामले में जांच अभी जारी है। इस कार्रवाई में विभाग को छह कार्टन लावारिस दवाएं बरामद हुई थीं, जिनमें से पांच कार्टन में कुल 54 प्रकार की सैंपल दवाएं मिलीं। इन दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 3.20 लाख रुपये बताई जा रही है।

औषधि विभाग ने 22 फरवरी को माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स में छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान परिसर में छह कार्टन संदिग्ध हालत में रखे मिले थे। इनमें से पांच कार्टन में विभिन्न कंपनियों की सैंपल दवाएं पाई गईं, जबकि एक कार्टन में पेट दर्द में इस्तेमाल होने वाली दवा स्पासमो प्राक्सीवान प्लस कैप्सूल बरामद हुई।

छापेमारी के दौरान दो गोदाम बंद मिले, जिन्हें औषधि विभाग ने संदेह के आधार पर सील कर दिया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन गोदामों को जल्द ही जांच के लिए खोला जाएगा। इस बीच रिचा मेडिकल एजेंसी के संचालक ने औषधि विभाग से संपर्क किया है और जांच में सहयोग की बात कही है। वहीं दूसरे गोदाम के संचालक की तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई है।

औषधि विभाग ने कार्रवाई के दौरान कई मेडिकल एजेंसियों से भी दवाओं के नमूने लिए हैं। इनमें न्यू भगवती मेडिकल एजेंसी, राजधानी ड्रग हाउस, ओम ड्रग हाउस, भगवती ड्रग सेंटर, तनु मेडिकल एजेंसी और विश्वनाथ फार्मा शामिल हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, हालांकि अभी तक किसी भी नमूने की रिपोर्ट नहीं आई है।

अधिकारियों का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स में ये कार्टन किसने और कब रखे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये दवाएं किसकी हैं और यहां क्यों रखी गई थीं। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।