आगरा के ट्रांसपोर्ट नगर में धमाका, डीजल टैंक में वेल्डिंग के दौरान विस्फोट, कारीगर गंभीर रूप से झुलसा
आगरा के ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक की डीजल टैंक में वेल्डिंग के दौरान जोरदार धमाका हो गया। धमाके के बाद टैंक में आग लग गई और वेल्डिंग कारीगर गंभीर रूप से झुलस गया। विस्फोट इतना तेज था कि टैंक के टुकड़े कई मीटर दूर जा गिरे, जबकि आसपास खड़े टायर भी आग की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने सबमर्सिबल पंप से आग पर काबू पाया और घायल को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। प्रारंभिक आशंका है कि टैंक में डीजल के अवशेष या गैस के कारण यह हादसा हुआ।
टैंक के उड़े टुकड़े कई मीटर दूर गिरे, आग की लपटों से मची अफरा-तफरी, आसपास खड़े टायर भी चपेट में आए
आगरा। आगरा के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ट्रक की डीजल टैंक में वेल्डिंग के दौरान अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के तुरंत बाद टैंक में आग लग गई और मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस हादसे में वेल्डिंग का काम कर रहा कारीगर गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे आनन-फानन में इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
धमाका इतना जबरदस्त था कि डीजल टैंक के टुकड़े कई मीटर दूर तक जा गिरे, जबकि आग की लपटों ने आसपास खड़े टायरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सबमर्सिबल पंप से पानी डालकर आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
दहल उठा इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रांसपोर्ट नगर में एक ट्रक की डीजल टैंक की मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान कारीगर टैंक पर वेल्डिंग कर रहा था। आशंका है कि टैंक के अंदर मौजूद ज्वलनशील गैस या डीजल के अवशेष वेल्डिंग की गर्मी के संपर्क में आते ही विस्फोट का कारण बन गए।
जैसे ही वेल्डिंग मशीन की चिंगारी टैंक के भीतर पहुंची, अचानक जोरदार धमाका हुआ और मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार, ट्रांसपोर्ट कर्मी और स्थानीय लोग बाहर निकल आए।
कारीगर बुरी तरह झुलसा
हादसे में वेल्डिंग कारीगर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। विस्फोट के साथ उठी आग की लपटों और तेज झटके से वह गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे संभाला और एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार कारीगर की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है। हादसे के बाद उसके परिजनों को भी सूचना दे दी गई।
आसपास खड़े टायरों में लगी आग
धमाका इतना तेज था कि डीजल टैंक के कई हिस्से उछलकर कई मीटर दूर जा गिरे। इससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। विस्फोट के बाद उठी आग ने पास में रखे और खड़े टायरों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया।
कुछ देर के लिए पूरे इलाके में धुआं, चीख-पुकार और भगदड़ जैसे हालात बन गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि आग समय रहते नहीं बुझाई जाती, तो पास खड़े अन्य वाहनों और सामान तक भी लपटें पहुंच सकती थीं।
स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बहादुरी और सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल सबमर्सिबल पंप चलाकर पानी की धार से आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लोगों की इस त्वरित कार्रवाई से आग को फैलने से रोका जा सका और एक बड़े औद्योगिक/वाहन हादसे की आशंका टल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कुछ मिनट और देरी होती, तो आग आसपास खड़े ट्रकों, टायरों और अन्य ज्वलनशील सामान को अपनी चपेट में लेकर भारी नुकसान कर सकती थी।
डीजल टैंक में अवशेष गैस या दबाव से हादसे की आशंका
प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि ट्रक की डीजल टैंक पूरी तरह खाली या सुरक्षित रूप से गैस-फ्री नहीं की गई थी। ऐसे में टैंक के भीतर मौजूद डीजल के अवशेष, वाष्प या दबाव वेल्डिंग की चिंगारी से भड़क उठे, जिससे यह विस्फोट हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल/डीजल टैंक पर वेल्डिंग से पहले उसे पूरी तरह साफ करना, सुखाना और गैस-फ्री करना बेहद जरूरी होता है। लापरवाही या तकनीकी मानकों की अनदेखी ऐसे हादसों को जन्म दे सकती है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ट्रांसपोर्ट नगर जैसे संवेदनशील व्यावसायिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां बड़ी संख्या में ट्रक, डीजल टैंक, टायर और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद रहती है, वहां इस तरह के मरम्मत कार्यों के दौरान फायर सेफ्टी, गैस-चेकिंग और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे काम बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के किए जा रहे हैं, तो भविष्य में इससे और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।