आलू की कीमत पर एक्सप्रेस-वे बना अखाड़ा, टोल पर पुलिस-सपाइयों में तीखी नोकझोंक, दरोगा बोले- किसान फॉरच्यूनर से नहीं चलता, वीडियो वायरल

आगरा। आलू के गिरते दाम को लेकर सोमवार को यमुना एक्सप्रेस-वे के खंदौली टोल प्लाजा पर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सपा नेताओं के बीच तीखी बहस और खींचतान हो गई। विवाद तब और बढ़ गया जब एक दरोगा ने टिप्पणी कर दी कि किसान फॉरच्यूनर से नहीं चलता बल्कि बैलगाड़ी से चलता है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

Mar 9, 2026 - 22:20
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आलू की कीमत पर एक्सप्रेस-वे बना अखाड़ा, टोल पर पुलिस-सपाइयों में तीखी नोकझोंक, दरोगा बोले- किसान फॉरच्यूनर से नहीं चलता, वीडियो वायरल
यमुना एक्सप्रेसवे के खंदौली टोल प्लाजा पर सपाइयों द्वारा आलू फैलाकर प्रदर्शन किये जाने पर पुलिस और सपा नेता के बीच होती बहस का एक चित्र।

दरअसल, सपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ राकेश बघेल अपने समर्थकों के साथ आलू की गिरती कीमतों के विरोध में यमुना एक्सप्रेस-वे के खंदौली टोल प्लाजा पर पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने किसानों की बदहाली को दर्शाने के लिए एक्सप्रेस-वे पर आलू फैला दिए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

इसी दौरान मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने रास्ता साफ कराने का प्रयास किया। बताया जाता है कि एक दरोगा ने पैरों से आलुओं को एक ओर समेटना शुरू किया, जिस पर सपा नेताओं और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई। विवाद के दौरान दरोगा ने कहा कि “किसान फॉरच्यूनर से नहीं चलता, किसान तो बैलगाड़ी से चलता है। इस पर सपा नेता प्रबल प्रताप सिंह (राकेश बघेल) ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि किसानों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बहस के दौरान दारोगा ने यह भी कहा कि मैं आपसे बड़ा किसान हूं।  इस पर सपा नेता ने पलटकर जवाब दिया कि आप हमसे बड़े किसान नहीं हो। दरअसल प्रदर्शन स्थल पर राकेश बघेल ही फॊरच्यूनर से पहुंचे थे।

कुछ देर तक मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।

प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि आगरा जनपद, विशेषकर खंदौली क्षेत्र, आलू उत्पादन में अग्रणी रहा है। इस वर्ष भी क्षेत्र में आलू की पैदावार भरपूर हुई है, लेकिन उत्पादन लागत पिछले वर्षों की तुलना में काफी बढ़ गई है, जबकि बाजार में आलू 100 रुपये प्रति कट्टा (50 किलो) से भी कम दाम पर बिक रहा है, जिससे किसान भारी संकट में हैं।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि शीतगृह संचालक किसानों को ऋण देने से कतरा रहे हैं, जिससे किसान आर्थिक रूप से और अधिक परेशान हो रहे हैं। सपा नेताओं ने सरकार से मांग की कि आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1800 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए और सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

घटना के दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई तीखी बहस और दारोगा की टिप्पणी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

SP_Singh AURGURU Editor