राम नरेश यादव के निष्कासन का फर्जी पत्र वायरल, सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास की शिकायत पर एफआईआर, अधिकृत लेटरहेड और कूटरचित हस्ताक्षर के इस्तेमाल का आरोप

आगरा। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नाम और अधिकृत लेटरहेड का कथित दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए फर्जी पत्र के मामले में थाना छत्ता पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फर्जी पत्र में राम नरेश यादव को पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी प्रसारित की गई थी। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि कूटरचित पत्र किसने तैयार किया, कथित फर्जी हस्ताक्षर किस तरह किए गए और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में कौन-कौन लोग शामिल रहे।

Oct 1, 2026 - 19:56
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राम नरेश यादव के निष्कासन का फर्जी पत्र वायरल, सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास की शिकायत पर एफआईआर, अधिकृत लेटरहेड और कूटरचित हस्ताक्षर के इस्तेमाल का आरोप

थाना छत्ता पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 340(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत कार्रवाई की गई है। एफआईआर में फिलहाल आरोपी अज्ञात हैं।

पुलिस को दी गई शिकायत में शब्बीर अब्बास ने बताया कि उनके अधिकृत लेटरहेड और कूटरचित हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके ऐसा पत्र तैयार किया गया, जिससे यह प्रतीत हो कि वह उनके कार्यालय से जारी किया गया है। इसी पत्र को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। पत्र में राम नरेश यादव को पार्टी से निष्कासित किए जाने संबंधी जानकारी दी गई थी।

शब्बीर अब्बास ने कहा कि केवल FIR दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की तह तक पहुंचना जरूरी है। पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि फर्जी पत्र किसने तैयार किया, कूटरचित हस्ताक्षर किस तरह किए गए और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में कौन-कौन लोग शामिल रहे।

उन्होंने कहा, “मेरे नाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर फर्जी आदेश जारी करने वालों तक पुलिस को पहुंचना चाहिए। जांच निष्पक्ष हो और जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।”

मामले की जांच थाना छत्ता के निरीक्षक को सौंपी गई है। अब पुलिस की जांच और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होना बाकी है कि फर्जी पत्र तैयार करने और उसे प्रसारित करने के पीछे कौन लोग शामिल थे।

SP_Singh AURGURU Editor