बरेली में नकली मोबाइल फैक्ट्री का खुलासा: ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बिक रहे थे फर्जी फोन-चार्जर

-आरके सिंह- बरेली। जिले के थाना भोजीपुरा क्षेत्र में पुलिस ने ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली मोबाइल और चार्जर बनाने वाली फैक्ट्री का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सैमसंग, वीवो, ओप्पो और एमआई जैसी नामी कंपनियों के लोगो लगाकर नकली मोबाइल फोन, चार्जर और डाटा केबल बाजार में असली बताकर बेच रहे थे। मौके से भारी मात्रा में नकली इलेक्ट्रॉनिक सामान, पैकिंग सामग्री और उपकरण बरामद किए गए हैं।

May 13, 2026 - 20:18
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बरेली में नकली मोबाइल फैक्ट्री का खुलासा: ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बिक रहे थे फर्जी फोन-चार्जर
बरेली पुलिस द्वारा नकली मोबाइल फैक्ट्री चलाने के आरोप में गिरफ्तार अभियुक्त और इनसे बरामद सामान।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर थाना भोजीपुरा पुलिस ने ग्राम दोहरिया स्थित फरमान के मकान की छत पर चल रही अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा। पुलिस ने मौके से फरमान निवासी गांव दोहरिया थाना भोजीपुरा और उवैश अली निवासी गांव रतना चुन्नीलाल थाना भोजीपुरा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी सैमसंग मोबाइल, चार्जर और अन्य ब्रांडेड कंपनियों के नकली उपकरण तैयार कर बाजार में बेच रहे थे। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना भोजीपुरा में धारा 318(4), 338, 340(2), 336(3) बीएनएस तथा 63/65 कॉपीराइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नकली इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया। बरामदगी में 52 की-पैड सैमसंग फोन, 165 सैमसंग मोबाइल बॉडी, 52 मोबाइल कवर, 85 मोबाइल मदरबोर्ड, 44 पुराने सैमसंग मोबाइल, 18 सैमसंग टैबलेट, 200 सैमसंग यूएसबी केबल रैपर, 200 वनप्लस केबल रैपर, 365 अर्धनिर्मित सुपर डाट एडॉप्टर, 632 एमआई पैकिंग कवर, 700 डाटा केबल, 550 ओप्पो पैकिंग कवर, 88 ओप्पो चार्जिंग यूनिट, 980 डाटा केबल टाइप-सी और टाइप-बी सहित बड़ी मात्रा में उपकरण और मशीनें शामिल हैं।

पुलिस ने मौके से नंबरिंग मशीन, माइक्रोस्कोप, ड्रिल मशीन, वायर कटर और अन्य तकनीकी उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल नकली मोबाइल और चार्जर तैयार करने में किया जा रहा था।

पूछताछ में आरोपियों फरमान और उवैश ने पुलिस को बताया कि वे वीवो, ओप्पो और एमआई कंपनियों के फर्जी रैपर और नकली एडॉप्टर तैयार करते थे। साथ ही सैमसंग मोबाइल की नकली बॉडी में डुप्लीकेट पार्ट्स फिट कर उन्हें असली मोबाइल बताकर बाजार में बेचते थे। आरोपियों ने बताया कि उन्हें इस कारोबार से अच्छा मुनाफा होता था और फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल दिल्ली से मंगाया जाता था।

पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन की जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से बाजार में नकली इलेक्ट्रॉनिक सामान खपा रहा था और इससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ बड़ी कंपनियों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा था।

SP_Singh AURGURU Editor